जयपुर, 11 फरवरी।
राज्य सरकार के बजट 2026-27 को पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि यह बजट विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट “समृद्ध किसान, सशक्त पशुपालक और विकसित राजस्थान” की परिकल्पना को साकार करेगा।
मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि पशुपालन, डेयरी मूल्य श्रृंखला और सहकारी निवेश को दिए गए प्रोत्साहन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों की आय में 25-30 प्रतिशत योगदान देने वाले पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
डेयरी सेक्टर के लिए बड़ी घोषणाएं
डेयरी विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपए का कोरपस फंड।
सरस ब्रांड के आउटलेट एनसीआर, यूपी और एमपी में खोले जाएंगे, इस पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत 5 रुपए प्रति लीटर अनुदान, आगामी वर्ष में 700 करोड़ रुपए का प्रावधान, करीब 5 लाख पशुपालक लाभान्वित होंगे।
1 लाख पशुपालकों को घी, मावा, पनीर, मिठाई जैसे दूध आधारित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण।
प्रोसेसिंग क्षमता में बड़ा लक्ष्य
दुग्ध प्रोसेसिंग क्षमता को 52 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 200 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य।
बिक्री केंद्रों की संख्या 27 हजार से बढ़ाकर 1 लाख करने की योजना।
आगामी वर्ष में 1000 नए दुग्ध संकलन केंद्र और 500 नए डेयरी बूथ।
अलवर में 3 लाख लीटर क्षमता का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट (200 करोड़ रुपए), बारां व सिरोही में 50-50 हजार लीटर क्षमता के प्लांट (100 करोड़ रुपए), जैसलमेर प्लांट का सुदृढ़ीकरण।
पशु चिकित्सा और गोशालाओं पर फोकस
दो वर्षों में 200 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र।
25 उपकेंद्रों का चिकित्सालयों में और 50 चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी में क्रमोन्नयन।
100 गोशालाओं को रियायती दर पर गोकाष्ठ मशीनें।
7 जिलों में 35 महिला शक्ति पोल्ट्री समूह, प्रत्येक को 10 लाख रुपए अनुदान।
देवस्थान विभाग की घोषणाएं
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में 6 हजार हवाई और 50 हजार एसी ट्रेन यात्राएं।
प्रमुख त्योहारों पर मंदिरों की विशेष साज-सज्जा व आरती कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपए।
10 मंदिरों में 10 करोड़ रुपए के विकास कार्य।
मंत्री श्री कुमावत ने विश्वास जताया कि ये प्रावधान डेयरी और पशुधन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे और राज्य के विकसित प्रदेश के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका
