भागवत रस वर्षण का चतुर्थ दिवस जगद्गुरु निम्बार्काचार्य ने धूमधाम से मनाया राम एवं कृष्ण जन्मोत्सव

 


जयपुर। सांगानेर के जगन्नाथपुरा में 8 फरवरी से आयोजित भागवत रस वर्षण के चतुर्थ दिवस पर अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्री श्याम शरण देवाचार्य श्रीजी महाराज के सान्निध्य में प्रभु श्रीराम एवं श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुन्दाचार्य (हाथोज धाम) ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्रीजी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के भाव से जीवन जीते हैं। भगवाधारी होने के नाते सनातन धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना हमारा दायित्व है।

निम्बार्क परिकर सर्वेश्वर शर्मा ने बताया कि श्रीजी महाराज ने अपने अनुयायियों को सदा प्रसन्न और सकारात्मक रहने की प्रेरणा देने के उद्देश्य से जन्मोत्सव का आयोजन किया। गुरुदेव ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को हर दिन को उत्सव की तरह जीना चाहिए। अधिकांश लोग उन बातों को लेकर चिंतित रहते हैं जो जीवन में घटित ही नहीं होतीं। जब ईश्वर ने जन्म और मरण निश्चित किया है तो जीवन भी उसी की व्यवस्था है। इसलिए सब कुछ ईश्वर पर छोड़कर अपने कर्तव्यों को जिम्मेदारी और ईमानदारी से निभाना चाहिए।



उन्होंने कहा कि कमजोर मन से किया गया कार्य कमजोर परिणाम देता है, इसलिए भगवान का स्मरण करते हुए उत्साहपूर्वक जीवन जीना चाहिए।

जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दरबार में भक्ति-भाव से नृत्य किया, मिठाइयां बांटी और बधाई गीत गाए। श्रीजी महाराज ने आह्वान किया कि राम और कृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लें।

कार्यक्रम में श्रीजी महाराज के निज परिकर ओम प्रकाश शर्मा ने उपस्थित विशिष्टजनों का स्वागत करवाया तथा गुरुदेव से आशीर्वाद दिलवाया। कथा आयोजक हनुमान कंडीरा ने परिवार सहित आरती की।

अंत में श्रद्धालुओं ने जन्मोत्सव पर तैयार विशेष भोग की प्रसादी ग्रहण की और भाव-विभोर होकर अपने घरों को प्रस्थान किया।

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