जयपुर, 10 फरवरी।
प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक नव विकसित लाइव पोर्टल शीघ्र शुरू किया जाएगा, जिससे अंगदान एवं प्रत्यारोपण करने वाले सभी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण जीवन रक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए इससे संबंधित सभी मानक प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा और विजिलेंस सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि निदेशालय स्तर पर गठित अंगदान एवं प्रत्यारोपण प्रकोष्ठ को सशक्त किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी संस्थानों में अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रियाएं निर्धारित एसओपी के अनुसार संचालित हों तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों। साथ ही, सभी महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाएंगी।
सीएचसी स्तर तक होगा प्रशिक्षण
उन्होंने निर्देश दिए कि अंगदान को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल कॉलेजों, ट्रॉमा सेंटर्स और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्यकर्मियों एवं एम्बुलेंस स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाए। इसके साथ ही आमजन और स्वास्थ्यकर्मियों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
जनसमस्याओं के निस्तारण पर विशेष जोर
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने जनसुनवाई, संपर्क पोर्टल, 181 हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने और ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम को तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मजबूत करने पर भी बल दिया।
बेहतर सर्विस डिलीवरी पर फोकस
उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई, मेंटीनेंस और स्टाफ से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान पर ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अधिकारी बेहतर सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करते हुए आमजन को स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिकतम लाभ दिलाएं।
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला, राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त सीईओ डॉ. निधि पटेल, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
