बाल कला विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन

 


जयपुर | 10 फरवरी 2026

सुरेन्द्र पाल जोशी कला स्मृति ट्रस्ट एवं भोरुका चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से बोध शिक्षा समिति द्वारा संचालित मानस गंगा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कूकस (जयपुर) में बाल कला विकास कार्यक्रम के तहत रचनात्मक कला गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में कला के प्रति रुचि विकसित करना और उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को स्केचबुक, पेंसिल, रबर, शार्पनर, स्केल एवं क्रेयॉन्स सहित आवश्यक कला सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि वे अपनी कल्पनाओं को स्वतंत्र रूप से काग़ज़ पर उतार सकें।



कार्यक्रम समन्वयक मुकेश कुमार ज्वाला ने बताया कि बाल्यावस्था में कला से जुड़ाव बच्चों की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत करता है। बच्चों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।



इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकार विद्यासागर उपाध्याय ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि कला किसी निश्चित नियम या ढांचे में बंधी नहीं होती। उन्होंने बच्चों को मौलिक सोच अपनाने, नकल से बचने और अपनी अनुभूतियों के आधार पर सृजन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कला बच्चों में संवेदनशीलता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का विकास करती है।

इसके बाद कलाकार गौरीशंकर सोनी ने अपने कला अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि रुचि को पहचानकर निरंतर अभ्यास और प्रयोग के माध्यम से कला को जीवन का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को असफलता से न डरने और निरंतर प्रयास करते रहने की सीख दी, जिससे बच्चे विशेष रूप से प्रेरित हुए।

ट्रस्ट की संस्थापक संगीता सुरेन्द्र पाल जोशी ने जानकारी दी कि बाल कला विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भविष्य में जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार की कला गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को कला से जोड़ा जा सके और उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके।

कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को आर्ट किट प्रदान की गई तथा नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से प्रबंधक शाशा एवं योगेंद्र उपाध्याय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं रचनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Previous Post Next Post