COWE द्वारा ‘विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप 2026’ का आयोजन ‘रूट्स टू विंग्स’ थीम पर दो दिवसीय समिट Vasundhara Raje ने ‘COWE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ में की शिरकत

 


जयपुर, 27 फरवरी। Confederation of Women Entrepreneurs of India (COWE) के राजस्थान चैप्टर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप (WISE) 2026’ का शुभारंभ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में हुआ। इस वर्ष समिट की थीम ‘रूट्स टू विंग्स: स्पॉटलाइटिंग विमेंस एंटरप्रेन्योर्स फ्रॉम ग्रासरूट्स इनोवेशन टू ग्लोबल लीडरशिप’ रखी गई है।

उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री Smriti Irani ने कहा कि भविष्य के लिए तैयार रहना, बदलाव को अपनाना और तकनीक को समझना समय की आवश्यकता है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में एआई व्यवसायों की दिशा तय करेगा। तकनीक को अपनाना जरूरी है, लेकिन उसे स्वयं पर हावी नहीं होने देना चाहिए।


उन्होंने छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) से जुड़े एक शोध का हवाला देते हुए बताया कि देश में 7 करोड़ से अधिक पंजीकृत उद्यम हैं, जो 30 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। इनमें लगभग 1.17 करोड़ उद्यम महिलाओं के स्वामित्व में हैं। इसके बावजूद करीब 8 लाख करोड़ रुपये की राशि भुगतान में देरी के कारण अटकी हुई है, जिससे व्यवसायों की वृद्धि प्रभावित होती है। उन्होंने COWE से बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल इनोवेशन और अन्य उभरते क्षेत्रों में कार्यरत महिला नवाचारियों को मार्गदर्शन एवं बाजार से जोड़ने की अपील की।

‘COWE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ समारोह

समिट के अंतर्गत आयोजित ‘COWE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ समारोह में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया।





राजे ने कहा कि COWE ने देशभर की महिला उद्यमियों को एक मंच पर लाकर सराहनीय पहल की है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने लखपति दीदी, राजीविका, आजीविका, अन्नपूर्णा दूध योजना और भामाशाह जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है।

पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिला श्रम भागीदारी दर 2018 में 26 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में लगभग 47 प्रतिशत हो गई है, जबकि शहरी क्षेत्र में यह करीब 30 प्रतिशत तक पहुंची है।




प्रमुख सत्रों की झलक

1. ‘अनलॉकिंग कैपिटल – फाइनेंसिंग स्कैलेबल एंड इम्पैक्ट-ड्रिवन एंटरप्राइजेज’

इस सत्र में सीए रुचिका सराफ, सीए निवेदिता सारदा, नितिका अग्रवाल, अनिश थॉमस, डॉ. पूजा शर्मा और सीए अर्पित भार्गव ने भाग लिया। वक्ताओं ने संस्थापकों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और निवेश के लिए तैयार रहने की अपील की। वित्तीय आंकड़ों की स्पष्ट समझ, आत्मविश्वास और अपने विचार पर मजबूत विश्वास को निवेश आकर्षित करने की कुंजी बताया गया।

2. ‘AI एंड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन – क्राफ्टिंग फ्यूचर-रेडी बिजनेसेस’

इस सत्र में चेतना जैन, डॉ. पूनम उपाध्याय, सृजना रघुपति, नुपुर सी शर्मा, विशाल माहेश्वरी और हिमांशु सिंह ने भाग लिया। पैनल में चर्चा हुई कि एआई व्यवसायों के लिए सहयोगी के रूप में उभर रहा है, जो कार्यकुशलता बढ़ाने और रणनीतिक निर्णयों को बेहतर बनाने में सहायक है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एआई लोगों की जगह लेने नहीं, बल्कि निर्णय क्षमता और मूल्य सृजन को बढ़ाने आया है।

3. ‘लीडिंग विद इम्पैक्ट: बिल्डिंग रेजिलिएंट ऑर्गेनाइजेशंस’

इस पैनल में निधि तोषनीवाल, मंजू शर्मा, वैदेही सिंह, नैन्सी बैरी, डॉ. तूलिका गुप्ता और स्मृति शर्मा ने नेतृत्व की भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व में संवाद, संवेदनशीलता, स्पष्ट कार्य-संस्कृति और सस्टेनेबल प्रथाओं का समावेश आवश्यक है। मजबूत साझेदारी और सहयोग ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।

समिट का उद्देश्य महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना, नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करना और उन्हें वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में COWE की फाउंडर डायरेक्टर एवं 2025-26 बोर्ड चेयरपर्सन शेलजा रेड्डी, फाउंडर प्रेसिडेंट COWE राजस्थान निधि तोषनीवाल सहित देशभर से महिला उद्यमी और राष्ट्रीय व चैप्टर कमेटी सदस्य शामिल हुए।

समिट के दौरान जयपुर के इटरनल हॉस्पिटल और COWE के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए 

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