विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
तकनीकी सत्रों में विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों एवं खरीद एजेंसियों के विशेषज्ञों ने उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और व्यापारिक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
इनमें प्रमुख रूप से—
- राष्ट्रीय SC-ST हब (NSSH) की योजनाएं – कुलदीप सिंह राजपूत
- MSME योजनाएं – गिरीश शर्मा, सहायक निदेशक, MSME-DFO, जयपुर
- राज्य सरकार की योजनाएं – संजय प्रधान, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, अलवर
- भारतीय रेलवे में विक्रेता अवसर – विनोद कुमार मीणा, वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर
- भारतीय खाद्य निगम (FCI) में खरीद अवसर – मंजू लाल मीणा, प्रबंधक, FCI
- Power grid एवं काकीनाडा पोर्ट में विक्रेता एवं खरीद अवसर – दिनेश चंद्र चौपलिया, उप महाप्रबंधक (C&P), पारादीप पोर्ट प्राधिकरण
- GeM पोर्टल पर पंजीकरण एवं सरकारी खरीद अवसर – मलीक मोहम्मद अतिक, बिजनेस फैसिलिटेटर
- बैंक ऋण एवं वित्तीय उत्पाद – राहुल, लोन डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, पीएनबी बैंक, अलवर
- बैंकिंग एवं वित्तीय सहायता – संदीप कनौजिया, प्रबंधक, क्षेत्रीय बैंक, अलवर
- वित्तीय साक्षरता सत्र – संजय वशिष्ठ, चार्टर्ड अकाउंटेंट
- RSETI के माध्यम से उद्यमिता एवं कौशल विकास – जे. पी. मीणा, RSETI (PNB)
ओपन हाउस चर्चा में मिले समाधान
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक ओपन हाउस चर्चा में उद्यमियों ने सरकारी खरीद, GeM पंजीकरण, विक्रेता पंजीकरण, बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से समाधान किया गया।
इस कार्यक्रम में 140 से अधिक उद्यमियों, MSMEs, SC/ST उद्यमियों, महिला उद्यमियों एवं नवोदित व्यवसायियों ने भाग लिया। आयोजन को राजस्थान में उद्यमिता को बढ़ावा देने और सरकारी खरीद में SC/ST उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
डिक्की राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष देवकीनंदन गोधा ने कहा कि डिक्की का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सशक्त बनाना है। संस्था नीति समर्थन, क्षमता निर्माण, विक्रेता विकास और बाजार संपर्क के माध्यम से उद्यमियों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। संस्था का मूल मंत्र है—
"नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।"







