जयपुर, 29 जनवरी।
राजस्थानी कला, संस्कृति और वीरता की गौरवशाली परंपरा को बड़े पर्दे तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय करणी सेना द्वारा एक नई पहल की जा रही है। इसके तहत राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल राजस्थान का आयोजन 31 जनवरी को जयपुर में किया जाएगा। शुक्रवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फेस्टिवल का पोस्टर लॉन्च किया गया।
पोस्टर लॉन्च कार्यक्रम में राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भादवा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिसोदिया, अनिरुद्ध आचार्य, प्रियंका इवेंट्स से प्रियंका एवं नितिन दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल राजस्थान का आयोजन 31 जनवरी को मान पैलेस, गांधी पथ, जयपुर में किया जाएगा। फेस्टिवल का नेतृत्व शिव सिंह शेखावत करेंगे। कार्यक्रम में फिल्म, कला, संस्कृति और लोककलाओं से जुड़े कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत ने कहा कि करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि रंगमंच, लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को भी मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और विदेश तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि राजस्थानी फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दिलाने और फिल्म निर्माण से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार से सहयोग मांगा जाएगा। साथ ही निजी संस्थानों और प्रोडक्शन हाउस को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा।
स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता की मांग
शेखावत ने कहा कि करणी सेना राज्य के कलाकारों को सामाजिक और मंचीय सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार से मांग की जाएगी कि क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, फिल्मों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए।
साल में एक बार राष्ट्रीय स्तर का आयोजन
वक्ताओं ने बताया कि प्रदेशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन किया जाएगा। इससे कलाकारों को पहचान और सम्मान मिलने के साथ आपसी संवाद और सहयोग के नए अवसर भी मिलेंगे। साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों के लिए विशेष सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से संवाद किया जाएगा।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने की योजना
कार्यक्रम में युवा कलाकारों के प्रशिक्षण को लेकर योजनाओं की घोषणा भी की गई। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को राजस्थानी कला, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन की योजनाएं तैयार की जा रही हैं।


