राजस्थान विश्वविद्यालय में ‘मातृ-शक्ति कबड्डी प्रतियोगिता’ का भव्य समापन

 



जयपुर, 29 जनवरी।

क्रांतिकारी खेल मंडल, खेल मंडल एवं शारीरिक शिक्षा विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महिला शक्ति कबड्डी प्रतियोगिता का बुधवार को विश्वविद्यालय खेल मैदान में सफलतापूर्वक समापन हुआ।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्रीराम चौधरी (सदस्य, भारतीय ओलंपिक संघ एवं प्रसार भारती) रहे। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कबड्डी भारत की आत्मा का खेल है और आने वाले समय में यह वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान बनाएगा। उन्होंने वर्ष 2036 तक कबड्डी को ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।





मुख्य वक्ता श्रीराम सिंह जादौन ने कहा कि कबड्डी केवल शारीरिक शक्ति का नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुशासन का भी प्रतीक है। महिला खिलाड़ियों की भागीदारी इस खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।

खेल मंडल के सचिव डॉ. प्रताप सिंह रावत ने बताया कि प्रतियोगिता में 10 से 14 वर्ष, 14 से 19 वर्ष, 19 से 35 वर्ष एवं 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में मुकाबले आयोजित किए गए। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आई टीमों ने भाग लिया। 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग में एसएमएस टीम विजेता रही, जबकि अन्य आयु वर्गों में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।

समारोह में खेल क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का औपचारिक आभार शारीरिक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सरोज कालिया ने व्यक्त किया। संपूर्ण आयोजन राजस्थान विश्वविद्यालय की माननीय कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

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