आवश्यकता है हम अपनी क्षमताओं को जानें, पहचानें और सुसुप्त क्षमताओं को जागृत करें — आचार्य प्रसन्न सागर महाराज

 

जयपुर, 5 फरवरी।

अहिंसा संस्कार पदयात्रा के प्रणेता आचार्य प्रसन्न सागर महाराज का गुरुवार को अग्रवाल फार्म स्थित थड़ी मार्केट के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि परिस्थितियां स्वयं समस्या नहीं होतीं, बल्कि समस्या तब बनती है जब हम निष्क्रिय होकर उनका साहसपूर्वक सामना नहीं करते।

.

आचार्य श्री ने कहा कि जीवन आज जटिल और उलझनों से भरा होता जा रहा है। चारों ओर तनाव, परेशानी और निराशा व्यक्ति को घेर लेती है, जिससे जीवन के प्रति अरुचि बढ़ने लगती है। ऐसे में आवश्यक है कि हम अपने लक्ष्य, दिशा और प्रयासों को स्पष्ट रूप से समझें। उन्होंने कहा कि हमारी निष्क्रियता और अकर्मण्यता ही जीवन की सबसे बड़ी बाधा है, जबकि हमारे भीतर विवेक, बुद्धि, ज्ञान और शक्ति विद्यमान है।


उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आवश्यकता है हम अपनी क्षमताओं को जानें, पहचानें और सुसुप्त क्षमताओं को जागृत करें, क्योंकि आज का छोटा सा प्रयास भी भविष्य को सुखद और समृद्ध बना सकता है।


धर्मसभा का समापन जिनवाणी स्तुति के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज जयपुर प्रवास समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद जैन एवं महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि गुरुवार प्रातः आचार्य श्री ससंघ (16 पिच्छिका) ने श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार प्रारंभ किया। शिप्रा पथ होते हुए विजय पथ चौराहा पहुंचे, जहां से बैंड-बाजों के साथ विशाल जुलूस के रूप में थड़ी मार्केट स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, मंगल आरती और जयकारों के साथ भव्य अगवानी की।


मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति अध्यक्ष सुमति प्रकाश जैन एवं महामंत्री अशोक कुमार जैन के नेतृत्व में पाद पक्षालन एवं मंगल आरती कर आचार्य श्री का स्वागत किया गया। इस दौरान सुभाष चंद जैन, प्रदीप जैन, राजेश रावकां, विनोद जैन कोटखावदा, कैलाश चंद छाबड़ा, आशीष चौधरी, विपुल छाबड़ा, अरुण रावकां सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।


मंदिर दर्शन के पश्चात धर्मसभा आयोजित हुई। आहार चर्या के बाद सामायिक, दोपहर में गुरु पूजा एवं सामूहिक प्रतिक्रमण का आयोजन किया गया। सायंकाल 6.15 बजे से गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का संगीतमय कार्यक्रम हुआ, जिसमें आचार्य श्री ने जीवन में सफलता के सूत्र बताए। रात्रि विश्राम थड़ी मार्केट दिगम्बर जैन मंदिर में ही हुआ।




प्रवास समिति के अनुसार शुक्रवार, 6 फरवरी को प्रातः 4.15 बजे पूजा विधान, अभिषेक एवं शांतिधारा होगी। प्रातः 9.00 बजे धर्मसभा में आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के मंगल प्रवचन होंगे। आहार चर्या एवं सामायिक के पश्चात दोपहर 2.00 बजे थड़ी मार्केट स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार करते हुए सूर्य नगर तारों की कूट दिगम्बर जैन मंदिर के दर्शन पश्चात सिद्धार्थ नगर स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, महावीर स्वामी खंडकान में भव्य मंगल प्रवेश होगा। इसके बाद धर्मसभा, गुरु पूजा एवं सामूहिक प्रतिक्रमण का आयोजन किया जाएगा। सायंकाल 6.15 बजे गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा होगी।

Previous Post Next Post