कैंसर उपचार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका, सटीकता और विशेषज्ञता को मिल रही नई धार

 


जयपुर।

कैंसर के निदान और उपचार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से अब कैंसर की पहचान पहले से कहीं अधिक प्रारंभिक और सटीक स्तर पर संभव हो पा रही है। इसके साथ ही उपचार की योजना, मॉनिटरिंग और परिणामों का विश्लेषण भी अधिक प्रभावी बन रहा है।

भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. नरेश जाखोटिया ने बताया कि आधुनिक रेडिएशन थेरेपी में उपचार की योजना बनाते समय ट्यूमर की स्थिति, उसका आकार तथा आसपास मौजूद संवेदनशील अंगों का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्नत प्लानिंग और विश्लेषण प्रणालियों की सहायता से रेडिएशन को अत्यंत सटीक रूप से लक्षित किया जा सकता है। इससे न केवल उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है, बल्कि स्वस्थ ऊतकों को होने वाली अनावश्यक क्षति से भी बचाव होता है। उन्होंने कहा कि इस सटीकता के कारण मरीजों की सहनशीलता बेहतर होती है और उपचार के दौरान व बाद में होने वाली जटिलताओं में उल्लेखनीय कमी आती है।



वहीं बीएमसीएच के CAR-T सेल थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश सिंह शेखावत ने बताया कि रक्त कैंसर के उपचार में सेल-आधारित थेरेपी ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मरीज की रोग-स्थिति, पूर्व उपचार की प्रतिक्रिया और जैविक प्रोफ़ाइल के आधार पर उपचार रणनीति तय करना अब अधिक प्रभावी रूप से संभव हो रहा है। इससे जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों में भी बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक तकनीकें चिकित्सकों के अनुभव और निर्णय-क्षमता को और अधिक सशक्त बनाती हैं। समय पर निदान, उपचार का सही चयन और निरंतर मॉनिटरिंग कैंसर देखभाल की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।

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