रामायण की सीख और लोकतांत्रिक व्यंग के बीच सजी ‘काव्य उत्सव’ की महफिल

 


जयपुर, 28 मार्च। सृजन द स्पार्क की ओर से आयोजित ‘काव्य उत्सव’ में साहित्य, संस्कृति और समकालीन विचारों का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में देश के ख्यातनाम कवि अशोक चक्रधर, संजय झाला (सूत्रधार), शकील आज़मी, कुंवर रणजीत चौहान, आलोक श्रीवास्तव और अज़्म शाकिरी ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कवियों ने लोकतांत्रिक व्यंग, रामायण की शिक्षाओं और युवाओं के नजरिए को अपनी नज़्मों और कविताओं के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हो गए।





कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने सहभागिता निभाई। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक आगाज़ किया गया। पृष्ठभूमि में सरस्वती वंदना और मंगल संगीत ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और गरिमामय बना दिया।


इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन एवं फाउंडर राजेश नवलखा, वर्तमान प्रेसिडेंट सुरेश ढड्ढा एवं सेक्रेटरी राजीव नागौरी मंचासीन रहे। चेयरमैन राजेश नवलखा ने प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी का सम्मान किया।

साथ ही आगामी दो वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें अध्यक्ष के रूप में सम्प्रति सिंघवी एवं जनरल सेक्रेटरी के रूप में राजीव सिंघवी को मनोनीत किया गया। इसके पश्चात नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया।

Previous Post Next Post