जयपुर, 23 अप्रैल।
राज्य में क्रिकेट के विकास और विस्तार को लेकर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एडहॉक कमेटी लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों ने अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर क्रिकेट को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक दिए हैं।
आरसीए एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि कमेटी ने पदभार संभालने के साथ ही राजस्थान क्रिकेट को पुनः सुदृढ़ करने, उच्च स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और पारदर्शी खेल वातावरण बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए जिला संघों और खिलाड़ियों से निरंतर संवाद कर उनके सुझावों को प्राथमिकता दी जा रही है।
जयपुर में आयोजित बैठक में एडहॉक कमेटी के सदस्य धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, अर्जुन बेनीवाल और अरिष्ट सिंघवी के साथ विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें डूंगरपुर, उदयपुर, बाड़मेर और पाली जिला संघों के सचिवों ने भाग लेकर आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र, इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल गतिविधियों पर अपने सुझाव साझा किए।
बैठक में यह प्रमुख सुझाव सामने आया कि राज्य की अंडर-14 और अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिताओं को मल्टी-डे (डे क्रिकेट) फॉर्मेट में आयोजित किया जाए, जिससे युवा खिलाड़ियों को लंबी अवधि के मैचों का अनुभव मिल सके और वे टी-20 व एकदिवसीय प्रारूप के साथ-साथ पारंपरिक क्रिकेट में भी अपनी क्षमता विकसित कर सकें।
एडहॉक कमेटी ने खिलाड़ियों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकेत देते हुए बताया कि आगामी सत्र में युवा खिलाड़ियों को मिलने वाले TA-DA में बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे उनका मनोबल बढ़े और वे अधिक उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।
सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने बताया कि भविष्य में राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को व्यापक पहचान मिलेगी और खेल गतिविधियों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
वहीं, सदस्य अर्जुन बेनीवाल ने कहा कि जिला संघों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर राज्य के सभी 33 जिलों में स्तरीय क्रिकेट मैदान विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सदस्य अरिष्ट सिंघवी ने बताया कि पूर्व खिलाड़ियों को भी आरसीए की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए उन्हें सपोर्ट स्टाफ और विभिन्न पैनल में शामिल कर राज्यभर में क्रिकेट के विकास को गति दी जाएगी।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान में जमीनी स्तर पर क्रिकेट को मजबूती मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर व मंच प्राप्त होंगे।
