एकम 2026’ में ऑनलाइन शिक्षार्थियों का समागम, एमयूजे में भव्य आयोजन देश-विदेश से जुड़े 497 छात्रों ने लिया भाग, कैंपस इमर्शन और रिसर्च मेंटरशिप जैसे नए उपक्रमों की घोषणा



जयपुर

मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर (एमयूजे) में ‘एकम 2026’ नामक प्रत्यक्ष संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश और विदेश से जुड़े विश्वविद्यालय के ऑनलाइन शिक्षार्थी एक मंच पर एकत्र हुए, जहां उन्हें अपने साथियों और फैकल्टी सदस्यों से सीधे संवाद का अवसर मिला।

एकदिवसीय इस वार्षिक आयोजन में एमबीए, एमसीए, बीसीए, बीबीए, बीकॉम, एमकॉम, एमए-जेएमसी, एमएससी गणित और एमए-इकोनॉमिक्स सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रमों में नामांकित कुल 497 छात्रों ने भाग लिया। ‘एकम’ को एक इंटरैक्टिव मंच के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन शिक्षार्थियों के बीच सहयोग, नेटवर्किंग और समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. अमित सोनी, प्रोवोस्ट डॉ. नीतू भटनागर, सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) के निदेशक डॉ. मल्लिकार्जुन गडपा और यूनेक्स्ट लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अम्ब्रिश सिन्हा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मल्लिकार्जुन गडपा ने छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए ‘एकम’ को ऑनलाइन शिक्षण यात्रा का महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छात्रों को वर्चुअल कक्षाओं से बाहर निकलकर विश्वविद्यालय के वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव देता है।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. नीति निपुण शर्मा ने ऑनलाइन छात्रों के लिए ‘कैंपस इमर्शन प्रोग्राम’ और ‘रिसर्च मेंटरशिप’ जैसे नए उपक्रमों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन पहलों के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक सीखने के अवसर मिलेंगे और शोध क्षमताओं का विकास होगा। साथ ही, कैंपस इमर्शन प्रोग्राम के तहत छात्रों को विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक ब्लूमबर्ग लैब में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षार्थी मणिपाल परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें संगीत, नृत्य, नाटक और कविता प्रस्तुतियां शामिल रहीं। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया। साथ ही छात्रों को फैकल्टी के साथ आमने-सामने संवाद का भी अवसर मिला, जिससे उनकी शैक्षणिक यात्रा और समृद्ध हुई।

कार्यक्रम का समापन सीडीओई के उप-निदेशक डॉ. काशीनाथन एस. द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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