अंबेडकर जयंती पर संविधान की चुनौतियों पर मंथन, युवाओं से जागरूक रहने का आह्वान

 


जयपुर। अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजीव गांधी स्टडी सर्कल, भारत सेवा संस्थान एवं बियानी लॉ कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “वर्तमान में संविधान व संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं” रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथि स्वागत के साथ हुई। मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. रतनलाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में जी.एस. बाफना (पूर्व महामंत्री, भारत सेवा संस्थान), पूर्व अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग बी.एम. शर्मा तथा सह-समन्वयक डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल शामिल रहे। इस अवसर पर बियानी कॉलेज के चेयरमेन डॉ. राजीव बियानी, निदेशक डॉ. संजय बियानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

स्वागत भाषण में जी.एस. बाफना ने संविधान के मूल्यों को समाज में स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि अनुच्छेद 14 और 19 जैसे प्रावधान आज भी प्रासंगिक हैं, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीमाएं देखने को मिल रही हैं। उन्होंने संस्थाओं की निष्पक्षता और मजबूती को बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक बताया।


मुख्य वक्ता प्रो. रतनलाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल मूर्तियों में नहीं, बल्कि विचारों में जीवित हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के सामने सबसे बड़ी चुनौती समानता के सिद्धांत को व्यवहार में लागू करने की है। साथ ही निजीकरण, कॉरपोरेट प्रभाव और कुछ विचारधाराओं को भी संवैधानिक मूल्यों के लिए चुनौती बताया।



इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान समानता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है, लेकिन वर्तमान समय में इसके सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कथनी और करनी के अंतर को समझें तथा देश में बढ़ती बेरोजगारी और सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग रहें।



अध्यक्षीय उद्बोधन में बी.एम. शर्मा ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र मजबूत होगा, तभी राजनीतिक लोकतंत्र सुदृढ़ होगा। उन्होंने युवाओं को संविधान के प्रति जागरूक रहने और उसके मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल द्वारा किया गया। उन्होंने सभी से संविधान की रक्षा करने और उसे मजबूत बनाने की अपील की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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