जेईसीआरसी फाउंडेशन जयपुर में ISTES-2026 का सफल आयोजन, शिक्षा और तकनीक पर वैश्विक मंथन

 


जयपुर, 16 अप्रैल 2026। राजधानी जयपुर स्थित JECRC Foundation में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ISTES-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर शिक्षा, तकनीक और सस्टेनेबिलिटी जैसे अहम विषयों पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) निमित रंजन चौधरी (कुलपति, Rajasthan Technical University) रहे। उनके साथ प्रो. डॉ. लियो एप्पलटन (डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन, University of Sheffield, इंग्लैंड), प्रो. (डॉ.) ए.के. खरे (पूर्व कुलपति, यूपीटीयू), डॉ. अमित जोशी (फाउंडर, जीआर फाउंडेशन), श्री संजय भट्टाचार्य (डायरेक्टर, टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग, EY), श्री योगेश अग्रवाल (ग्लोबल हेड L&D, Wipro) तथा प्रो. (डॉ.) वी.के. चांदना (प्रिंसिपल, जेईसीआरसी) मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

कॉन्फ्रेंस संयोजक डॉ. एम.पी. सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और इसकी थीम पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति (NEP), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, लर्निंग एनालिटिक्स और सस्टेनेबिलिटी जैसे समकालीन विषयों पर गहन चर्चा की।

मुख्य अतिथि प्रो. चौधरी ने अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति के महत्व को रेखांकित करते हुए छात्रों को नवाचार और रिसर्च की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, प्रिंसिपल प्रो. वी.के. चांदना ने बताया कि आज भारत शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है और अन्य देश भी भारतीय शिक्षा प्रणाली की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

प्रो. (डॉ.) ए.के. खरे ने अपने 50 वर्षों के शिक्षण अनुभव साझा करते हुए सस्टेनेबिलिटी के महत्व पर जोर दिया। श्री संजय भट्टाचार्य ने प्रोफेशनल ट्रेनिंग के अपने अनुभव साझा किए, जबकि श्री योगेश अग्रवाल ने “बटरफ्लाई इफेक्ट” के माध्यम से सस्टेनेबिलिटी को सरल तरीके से समझाया। डॉ. अमित जोशी ने “सिंगुलैरिटी” जैसे उभरते विषय पर चर्चा की। वहीं, प्रो. डॉ. लियो एप्पलटन ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कंप्यूटर साइंस के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार रखे।







उद्घाटन सत्र के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें देश-विदेश के शोधार्थियों ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।

दूसरे दिन भी रहे महत्वपूर्ण सत्र

कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन (17 अप्रैल) टोनी बट (प्रेसिडेंट, आईकेविन एडिटिव्स इंक., अमेरिका) ने सस्टेनेबल प्रैक्टिसेस और इनोवेशन पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इन विषयों की समझ एक बेहतर और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।

इसके बाद काम्या खट्टर (सीनियर एडिटर, Springer Nature) ने “Effective Writing and Logical Manuscript Development” विषय पर कीनोट सत्र दिया। उन्होंने शोध लेखन, प्रकाशन प्रक्रिया और अकादमिक लेखन के मूल सिद्धांतों को विस्तार से समझाया, जिससे प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।

कार्यक्रम के समापन पर प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) वी.के. चांदना ने सभी संयोजकों, सह-संयोजकों और आयोजन समिति के सदस्यों का सम्मान किया। यह कॉन्फ्रेंस शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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