मुहाना मंडी में बड़ी कार्रवाई : 10 हजार किलो सड़े-गले फल एवं एक्सपायरी खजूर नष्ट




जयपुर, 08 मई 2026।

राज्य सरकार द्वारा संचालित “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर की मुहाना मंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 हजार किलो सड़े-गले फल एवं एक्सपायरी खजूर नष्ट करवाए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर की गई।

सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के निर्देशन में केंद्रीय दल तथा सीएमएचओ जयपुर प्रथम एवं द्वितीय की संयुक्त टीम को गर्मियों के मौसम में फलों की गुणवत्ता की निगरानी एवं सर्वे के लिए मुहाना मंडी भेजा गया था। टीम ने मंडी में आम के गोदामों एवं विभिन्न कोल्ड स्टोरेज का सघन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुहाना मंडी स्थित मैसर्स अरावली ट्रेड विजन के कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में खराब एवं सड़े-गले फल पाए गए। टीम को वहां फंगस लगे हुए सेब, अंगूर, अनार, ऑरेंज सहित विभिन्न प्रकार के फल खराब अवस्था में रखे मिले। इसके अलावा लगभग 1500 किलो एक्सपायरी खजूर भी पाए गए।



फर्म के मैनेजर ने टीम को बताया कि ये फल विभिन्न व्यापारियों द्वारा कोल्ड स्टोरेज में रखवाए गए थे। विभाग द्वारा संबंधित व्यापारियों को मौके पर बुलाया गया। करीब 4 से 5 घंटे इंतजार के बाद पहुंचे कुछ व्यापारियों ने स्वीकार किया कि खराब फलों की छंटाई और धुलाई कर उन्हें फुटकर व्यापारियों को कम कीमत पर बेच दिया जाता है। इस पर खाद्य सुरक्षा टीम ने सख्त नाराजगी जताते हुए ऐसे खराब फलों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवाने के बाद जनहित एवं मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए करीब 8500 किलो सड़े-गले फल और 1500 किलो एक्सपायरी खजूर मंडी के डंपिंग यार्ड में नष्ट करवाए। संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निरीक्षण के दौरान टीम ने आम के गोदामों का भी निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई स्थानों पर स्वीकृत इथाइलीन गैस के माध्यम से आम पकाए जा रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने फल मंडी व्यापार संघ के साथ बैठक कर व्यापारियों को इथाइलीन के सुरक्षित एवं सही उपयोग की जानकारी दी। साथ ही कोल्ड स्टोरेज में रखे खराब फलों को बाजार में नहीं बेचने के निर्देश भी दिए गए।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंडी के फल एवं सब्जी विक्रेताओं को एफएसएस एक्ट के तहत खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस बनवाने के लिए भी प्रेरित किया। विभाग का कहना है कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, देवेंद्र राणावत, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा, सुशील चोटवानी, विनोद थारवान, रमेश यादव, नंद किशोर कुमावत, अवधेश गुप्ता, नरेश चेजारा एवं विशाल मित्तल शामिल रहे।

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