मातृ दिवस पर भावनाओं और सम्मान से सराबोर रहा “सांसों की सरगम है मां” कार्यक्रम मां-बेटी की प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों और प्रेरणादायक महिलाओं के सम्मान ने जीता सभी का दिल

 



जयपुर।

मातृ दिवस के अवसर पर शिल्पी फाउंडेशन द्वारा जेएलएन मार्ग स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में आयोजित “सांसों की सरगम है मां” कार्यक्रम भावनाओं, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम में मातृत्व, नारी शक्ति और पारिवारिक मूल्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न प्रेरणादायक गतिविधियों एवं प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित महिलाओं और अतिथियों को भावुक कर दिया।








करीब 500 महिलाओं की सहभागिता वाले इस भव्य आयोजन में मां और बेटी के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का माहौल प्रेम, सम्मान, संवेदनाओं और उत्साह से सराबोर नजर आया। मंच पर प्रस्तुत गीत, कविताएं, रैंप वॉक और विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।












कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विक्रांत खण्डेलवाल रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुमन शर्मा, डॉ स्मिता वेद, डॉ शालू कक्कड़, डॉ मनीला नैनावत एवं अर्चना शर्मा उपस्थित रहीं। अतिथियों ने अपने संबोधन में मां के त्याग, संस्कार, समर्पण और समाज निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा ऐसे आयोजनों को सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया।











कार्यक्रम के दौरान बेटियों ने मंच से अपनी मां से जुड़े अनकहे किस्से, भावनाएं और जीवन के अनुभव साझा किए। कई प्रस्तुतियां इतनी भावुक रहीं कि उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। मां और बेटी के बीच प्रेम, विश्वास और त्याग के रिश्ते को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।












आयोजन का प्रमुख आकर्षण रैंप वॉक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं, जिनमें प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मातृत्व को समर्पित विशेष प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भावनात्मक ऊर्जा भर दी। महिलाओं ने गीत, नृत्य और कविताओं के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।







प्रतियोगिताओं में यम्मी और पल्लवी, विया और राखी सोनी, प्रीति और किरण सहित रेनू ककड़ विजेता रहीं। विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अलावा पत्रकारिता, शिक्षा, समाज सेवा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई प्रेरणादायक महिलाओं को भी सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामयी बना दिया।






शिल्पी फाउंडेशन की अध्यक्ष शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और प्रेरणा होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता, पारिवारिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। वहीं संस्था की संरक्षक सुनीता अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान देने के साथ उन्हें अपनी भावनाएं साझा करने का मंच प्रदान करना है।

कार्यक्रम का संचालन एंकर सीमा वालिया ने प्रभावशाली अंदाज में किया। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों ने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और नियमित जांच के महत्व पर भी चर्चा की गई।

पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, भावनाओं और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। कार्यक्रम ने न केवल मातृत्व का सम्मान किया, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को भी नई पहचान देने का कार्य किया। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे यादगार और प्रेरणादायक बताया।

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