नई शिक्षा नीति के तहत “Skills Sakhi” initiative की शुरुआत, महिलाओं और युवतियों को मिलेगा प्रोफेशनल एजुकेटर बनने का अवसर जयपुर में पोस्टर विमोचन एवं नियोजन कार्यक्रम आयोजित, शिक्षा विशेषज्ञों ने पहल को बताया भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 


जयपुर। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत प्रधानमंत्री द्वारा Early Childhood Education एवं बालवाटिका शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत, गतिविधि आधारित और learning-oriented बनाई जा सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए UpEducators Academy द्वारा “Skills Sakhi” initiative की शुरुआत की गई है।





इस initiative का उद्देश्य छात्राओं, युवतियों एवं महिलाओं को professionally trained educator के रूप में तैयार करना है। कार्यक्रम के तहत skill-based training प्रदान की जाएगी, जिससे महिलाएं आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप बच्चों को बेहतर शिक्षण दे सकें और उनके समग्र विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।



Academy की Director अमिता वाजपेयी गर्ग ने बताया कि इस training program में NTT, ECCE, Child Development, Play-way Learning, Phonics, Art & Craft, Calligraphy, AI in Education, Digital Skills, Google Tools तथा आधुनिक teaching methods से जुड़ी practical training दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षण तक सीमित नहीं बल्कि future educators को बच्चों की मानसिक, सामाजिक और रचनात्मक आवश्यकताओं को समझने के लिए सक्षम बनाना भी है।



उन्होंने बताया कि यह courses online एवं offline दोनों mode में उपलब्ध रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं और महिलाएं इस initiative से जुड़ सकें। Skills Sakhi initiative पहले सीमित स्तर पर संचालित किया जा रहा था और अब इसे व्यापक रूप से शुरू किया गया है।





जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर विमोचन एवं नियोजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी बसंत जैन, कार्यक्रम संयोजक अमिताभ बाजपेई गर्ग, भीम सिंह, शिक्षाविद् रमा दत्त सहित शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने initiative की सराहना करते हुए इसे महिलाओं और युवाओं के लिए उपयोगी तथा भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।








कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और शिक्षा के क्षेत्र में skilled manpower तैयार करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NEP 2020 के बाद बाल शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग तेजी से बढ़ेगी, ऐसे में यह initiative भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया एक सकारात्मक प्रयास है।




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