युवा संगम चरण-VI के तहत एमएनआईटी जयपुर से 50 युवा प्रतिनिधियों का दल होगा रवाना



जयपुर, 7 मई 2026।

मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर को युवा संगम चरण-VI कार्यक्रम के अंतर्गत प्रेषक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) के रूप में नामित किया गया है। इस अवसर पर 7 मई 2026 को संस्थान में एक विशेष समारोह एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राजस्थान से चयनित 50 युवा प्रतिनिधियों के दल को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) धारवाड़, कर्नाटक के लिए रवाना किया जाएगा।



यह प्रतिनिधिमंडल 8 से 15 मई 2026 तक एक सप्ताह की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान यात्रा में भाग लेगा। यह कार्यक्रम भारत सरकार की “एक भारत श्रेष्ठ भारत” (EBSB) पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय एवं आपसी समझ को मजबूत करना है।

इसके तहत एमएनआईटी जयपुर, IIIT धारवाड़ के सहयोग से 5 से 12 जून 2026 के दौरान राजस्थान में भी 50 युवा प्रतिनिधियों की मेजबानी करेगा। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों एवं संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।





राजस्थान के विभिन्न संस्थानों से चयनित 50 प्रतिनिधियों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र, शोधार्थी, डॉक्टरेट शोधकर्ता तथा ऑफ-कैंपस युवा शामिल हैं। प्रतिनिधियों का चयन लिंग, पृष्ठभूमि, जिले एवं विभिन्न विषयों में समावेशिता को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त बनाया जा सके।

कर्नाटक की आठ दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधि युवा संगम के “5 पी” — पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क — से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेंगे। यात्रा कार्यक्रम में कैंपस ओरिएंटेशन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, औद्योगिक एवं संस्थागत भ्रमण, खेल गतिविधियाँ, स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा तथा “बडी सिस्टम” के माध्यम से आपसी संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा।





यह पहल विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधि “My Yuva Sangam Story: Experiencing National Integration in Diversity” विषय पर अपने अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी करेंगे।

एमएनआईटी जयपुर में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को देश की विविधता को समझने, नई संस्कृतियों से जुड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

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