मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया)। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित संसद भवन के क्वीन्स हॉल में आयोजित भारत गौरव अवार्ड्स के 13वें संस्करण में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं का भव्य संगम देखने को मिला। समारोह की शुरुआत भारत और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद के नेतृत्व में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। आयोजकों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया की संसद में पहली बार हनुमान चालीसा का पाठ हुआ, जिसने भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता का संदेश दिया।
संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित इस समारोह में भारत सहित 18 देशों के प्रतिनिधियों, राजनेताओं, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 25 अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरेशपुरी महाराज रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में , तथा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष ने कहा कि भारत गौरव अवार्ड्स का उद्देश्य उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है जिन्होंने समाज, राष्ट्र और मानवता के लिए असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस आयोजन का होना विश्वभर के भारतीयों के लिए गर्व का विषय है।
समारोह का विशेष आकर्षण विज्ञापन जगत के दिग्गज और पद्म विभूषण से सम्मानित दिवंगत को मरणोपरांत प्रदान किया गया भारत गौरव सम्मान रहा। उपस्थित अतिथियों ने उनके रचनात्मक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस वर्ष सम्मानित प्रमुख हस्तियों में , , , , , , सहित अनेक प्रतिष्ठित नाम शामिल रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों और आध्यात्मिक गुरुओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने इसे भारतीय संस्कृति, वैश्विक भारतीय समुदाय की उपलब्धियों और भारत-ऑस्ट्रेलिया मैत्री संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।

