गौ माता सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत, सांगानेर में तीन दिवसीय गौ कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ आगाज, गौ संरक्षण और राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को लेकर संत समाज करेगा जनजागरण



जयपुर। गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर देशभर में चलाए जा रहे गौ माता सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण की सफलता के लिए गुरुवार को सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला के सुरभि भवन में तीन दिवसीय गौ कथा का शुभारंभ हुआ। कामधेनु गौ भक्त महिला मंडल, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित कथा के प्रथम दिन गौमाता के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।


कार्यक्रम में ब्रह्म पीठाधीश्वर संत रामरतनदास महाराज, महामंडलेश्वर हरिशंकरदास वेदांती, महामंडलेश्वर मनोहरदास महाराज सहित अनेक संत-महंतों की उपस्थिति में व्यास पूजन एवं गौमाता पूजन किया गया। कथा का वाचन गौ, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल महाराज ने किया।





अपने प्रवचन में गोपाल महाराज ने कहा कि गौमाता में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है, इसके बावजूद देश में गौहत्या होना सनातन समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने गौ संरक्षण और संवर्धन को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए गौहत्या पर पूर्ण रोक लगाने की आवश्यकता जताई।


गौ सेवक एवं संवाददाता भानु गौतम ने बताया कि कथा का आयोजन 13 जून तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया जाएगा। कथा के दौरान प्रदेशभर से आने वाले संत-महात्मा श्रद्धालुओं को गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान की जानकारी देंगे तथा अधिकाधिक लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

उन्होंने बताया कि कथा के माध्यम से गौ सेवा को जनआंदोलन का स्वरूप देने, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने तथा समाज में गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।


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