पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जयपुर में एक दिवसीय कार्यशाला केंद्रीय संयुक्त सचिव मीरा श्रीवास्तव ने राजस्थान के प्रयासों की सराहना की

 


जयपुर, 24 दिसंबर।

पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को आरएएस क्लब सभागार में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव (आरसीएच) श्रीमती मीरा श्रीवास्तव ने की। इसमें जिला समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

संयुक्त सचिव श्रीमती मीरा श्रीवास्तव ने राजस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट के सफल क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के अनुभवों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने “लड़का-लड़की बराबर है, तो पूछना क्यों” स्लोगन आधारित अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लड़का पैदा करने से संबंधित भ्रामक वीडियो, पूजा व अन्य कंटेंट उपलब्ध कराने वाली लगभग 1000 वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया है, लेकिन यह चुनौती अभी भी बनी हुई है। इसके लिए राज्यों को भी ऐसी वेबसाइट्स की पहचान कर सहयोग पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक कराने की पहल करनी होगी।

संयुक्त सचिव ने सोनोग्राफी मशीनों के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण के लिए निश्चित टाइम फ्रेम तय करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा समाज में बेटा-बेटी समानता की सोच को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता बताई।

कार्यशाला में अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव ने प्रदेश में पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नागौर जिले में बालिका वाटिका जैसे नवाचारों को अन्य जिलों में भी लागू करने पर जोर दिया।

केंद्रीय उपयुक्त पीसीपीएनडीटी डॉ. पद्मिनी कश्यप ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के वर्तमान परिप्रेक्ष्य, मॉनिटरिंग इंडिकेटर्स और प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एसआरएस 2021-23 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान का लिंगानुपात 921 दर्ज किया गया है, जो किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।

पीसीपीएनडीटी एवं जेंडर स्पेशलिस्ट श्री इफात हमीद ने एक्ट के प्रावधानों, प्रमुख न्यायिक निर्णयों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीसीपीएनडीटी श्री हेमंत कुमार ने पीबीआई थाना एवं डिकॉय ऑपरेशन से जुड़े अनुभव साझा किए।

कार्यशाला के अंत में परियोजना निदेशक पीसीपीएनडीटी श्री राकेश कुमार मीणा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर ओएसडी श्री संतोष गोयल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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