जयपुर में राजस्थानी फिल्मों और कलाकारों को मिला नया मंच राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, 106 प्रतिभाओं को किया गया सम्मानित करणी मां की चिरजा स्तुति के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

 


जयपुर, 31 जनवरी।

राजस्थानी कला, संस्कृति और वीरता की समृद्ध परंपरा को बड़े पर्दे तक पहुंचाने की दिशा में राष्ट्रीय करणी सेना ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म फेस्टिवल राजस्थान का आयोजन किया। इस फेस्टिवल का उद्देश्य राजस्थानी फिल्मों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना रहा।




कार्यक्रम की शुरुआत करणी मां की चिरजा स्तुति के साथ की गई। आयोजकों ने बताया कि यह फेस्टिवल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा और मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाने का प्रयास है।




इस अवसर पर कुल 106 कलाकारों और प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। अवार्ड समारोह में बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस, बेस्ट सिंगर, बेस्ट प्रोड्यूसर, बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर सहित कुल 25 कैटेगरी में पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान तीन राउंड में फैशन शो का भी आयोजन हुआ।




फेस्टिवल में प्रसिद्ध लोकगायिका सीमा मिश्रा, भंवर अली (बीकानेर), अमेरिका गॉट टैलेंट फेम संजय सगरिया सहित कई कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं अभिनेत्री भाग्यश्री ने भी कलाकारों को प्रेरित करते हुए अपने विचार साझा किए।

इस मौके पर राष्ट्रीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत, संत अनिरुद्ध आचार्य, करणी सेना युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा, बगरू विधायक कैलाश वर्मा, जे.डी. महेश्वरी, पवन गोयल, राष्ट्रीय सचिव कुलदीप सिंह भादवा, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर, राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र सिसोदिया, प्रियंका इवेंट्स से प्रियंका एवं नितिन दुबे, गुलाबो सपेरा सहित पद्म विभूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति रही।




फेस्टिवल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सिंह शेखावत ने किया। उन्होंने कहा कि करणी सेना का उद्देश्य केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि रंगमंच, लोकनृत्य, लोकसंगीत, चित्रकला, साहित्य और अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों को भी मंच देना है। राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।




शेखावत ने बताया कि राजस्थानी फिल्मों के निर्माण को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दिलाने और फिल्म निर्माण से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों, फिल्मों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए।



हर साल होगा आयोजन

शिव सिंह शेखावत ने कहा कि प्रदेशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर का बड़ा आयोजन किया जाएगा। इससे कलाकारों को पहचान और सम्मान मिलने के साथ-साथ आपसी संवाद और सहयोग के नए अवसर भी मिलेंगे। साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों के लिए विशेष सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार से संवाद किया जाएगा।

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