भोपालगढ़(जोधपुर)
घुमंतु जातियों ने अपने हक और अधिकारों के लिए भोपालगढ़ में जोरदार महापंचायत का आयोजन किया। यह महापंचायत पंचायत समिति परिसर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित शिविर के दौरान डीएनटी समुदाय और अन्य घुमंतु जातियों द्वारा पिछले चार दिनों से जारी धरने का रूप थी।
महापंचायत का नेतृत्व एनएसयूआई राष्ट्रीय प्रवक्ता और रजलानी ग्राम प्रशासक पारस गुर्जर ने किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि घुमंतु जातियों के प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। महापंचायत के बाद डीएनटी समुदाय के नेताओं ने उपखंड कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही, 10 फरवरी को जयपुर में विधानसभा घेराव का ऐलान भी किया गया।
राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष लालजी रायका ने कहा कि सरकार द्वारा शिविर तो आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन घुमंतु जातियों की क्षेत्रीय भाषा की त्रुटियों को लेकर प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। यह अन्याय है और इसे सहन नहीं किया जाएगा।
डीएनटी और कालबेलिया समुदाय के वरिष्ठ नेता रतननाथ कालबेलिया ने मुख्यमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी लाभों में घुमंतु परिवारों को हो रहे भेदभाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भूमिहीन परिवारों को अभी तक पट्टे जारी नहीं किए गए हैं और सरकार घुमंतु जातियों को बहकाने का प्रयास कर रही है।
महापंचायत के संयोजक पारस गुर्जर ने कहा कि घुमंतु जातियों के हक और अधिकारों की लड़ाई में संगठन के सभी सदस्य एकजुट रहेंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने शिविर में कर्मचारियों की अनुपस्थिति, जातीय प्रमाण पत्रों में विसंगतियां और आवेदन प्रक्रिया में अवैध वसूली जैसे मुद्दे उठाए।
महापंचायत में भोपालगढ़ प्रधान प्रतिनिधि एवं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेश जाखड़, जिला कांग्रेस महासचिव शिवकरण सैनी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जेपी देवड़ा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सलीम ठेकेदार, तथा घुमंतु समुदाय के वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष लालजी रायका, गाडिया लोहार समाज प्रदेशाध्यक्ष मांगीलाल बोराणा, रतननाथ कालबेलिया, पारस गुर्जर, शिवराम बांटा, मनोहर मेघवाल, कपिल मेघवाल, मनीराम मेघवाल, निर्मल चौधरी, बंशीलाल सैनी, उपप्रधान पपूराम सांखला, मांगीलाल पारासरिया, कालूराम बंजारा, फारूक मोहम्मद, मंगनाराम केड़ली, भोमसा देवासी, शिंभूभाई प्रजापत, रामस्वरूप गर्ग, भगत देवड़ा, महिपाल परिहार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समुदाय के लोग शामिल थे।
घुमंतु जातियों ने सरकार से समान अवसर, सरकारी योजनाओं का लाभ और प्रमाण पत्रों की समस्या का त्वरित समाधान करने की मांग दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी 10 फरवरी को जयपुर में विधानसभा घेराव के माध्यम से उनका आंदोलन और तेज होगा।


