जयपुर, 30 जनवरी।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के आयोजन से राजस्थान के स्टोन उद्योग को नई गति मिलेगी और प्रदेश के कारीगरों एवं उद्यमियों को देश-विदेश की नवीनतम तकनीकों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। रीको, सीडोस और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आयोजन नीति संवाद, तकनीक, नवाचार और वैश्विक सहयोग का एक अंतरराष्ट्रीय मंच बनेगा।
शुक्रवार को इंडिया स्टोनमार्ट 2026 को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि राजस्थान देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों, खरीदारों और प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्ष 2000 में प्रारंभ हुआ इंडिया स्टोनमार्ट इस वर्ष अपने 13वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है, जो अब तक का सबसे भव्य आयोजन होगा। इसमें चीन, तुर्की, ईरान, थाईलैंड, इटली सहित कई देशों के प्रदर्शक भाग लेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह महामंत्री नरेश पारीक, RUDA की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा अरोड़ा, CDOS के सीईओ मुकुल रस्तोगी, CDOS के चेयरमैन दीपक अजमेरा, लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह एवं लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम उपस्थित रहे।
ओडीओपी पवेलियन होगा विशेष आकर्षण
कर्नल राठौड़ ने बताया कि आयोजन में एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के अंतर्गत चयनित स्टोन उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक विशेष पवेलियन बनाया जाएगा। इससे राजस्थान के विशिष्ट स्टोन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्पष्ट नेतृत्व और नीतियों से राजस्थान को मिली नई दिशा
उद्योग मंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में स्पष्ट नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के कारण राजस्थान निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है। राइजिंग राजस्थान के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जो सरकार की मजबूत कार्यक्षमता को दर्शाता है।
सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन पर जोर
कर्नल राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने रोजगार सृजन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.54 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। निजी क्षेत्र में भी निवेश समझौतों को धरातल पर उतारकर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना लागू की गई है, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। इस योजना से एक लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक का सबसे बड़ा स्टोनमार्ट: नटवर अजमेरा
स्टोनमार्ट के संयोजक नटवर अजमेरा ने बताया कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 अब तक का सबसे बड़ा संस्करण होगा। आयोजन लगभग 25,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसमें 539 स्टॉल्स लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहली बार चीन, तुर्की, ईरान, थाईलैंड, इटली, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका सहित 8 देशों से प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जो आयोजन की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
एमएसएमई के लिए सशक्त वैश्विक मंच: नरेश पारीक
लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सह महामंत्री नरेश पारीक ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 एमएसएमई सेक्टर के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय वैश्विक मंच बन चुका है। यह आयोजन छोटे और मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, नई तकनीक और निवेशकों से सीधे जोड़ता है।
शहरी विकास और डिज़ाइन इकोसिस्टम को मिलेगी नई दिशा: मनीषा अरोड़ा
RUDA की मैनेजिंग डायरेक्टर मनीषा अरोड़ा ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 शहरी विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिज़ाइन इकोसिस्टम को नई दिशा देगा। स्टोन इंडस्ट्री का उपयोग स्मार्ट सिटी, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल आर्किटेक्चर में बढ़ेगा।
तकनीक, डिज़ाइन और नवाचार पर विशेष फोकस: दीपक अजमेरा
CDOS के चेयरमैन दीपक अजमेरा ने कहा कि आयोजन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस बार डिजिटल एग्ज़िबिशन ऐप, मल्टी-लैंग्वेज वेबसाइट, अंतरराष्ट्रीय रोडशो, ODOP पवेलियन, स्टूडेंट कॉम्पिटिशन और पॉलिसी डायलॉग जैसे कई नवाचार शामिल किए गए हैं।
आत्मनिर्भर एमएसएमई की दिशा में बड़ा कदम: अंजू सिंह
लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नीति, व्यापार और वैश्विक विश्वास का संगम: योगेश गौतम
लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 भारतीय स्टोन उद्योग के लिए नीति, व्यापार और वैश्विक विश्वास का सशक्त मंच है, जो निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
आयोजन की प्रमुख विशेषताएं
5 से 8 फरवरी 2026 तक आयोजन
स्थान: जयपुर एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा
25,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में प्रदर्शनी
539 स्टॉल्स के माध्यम से स्टोन, मशीनरी एवं वैल्यू-एडेड उत्पादों का प्रदर्शन
20 से अधिक देशों से अंतरराष्ट्रीय खरीदार, आर्किटेक्ट्स और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल, ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम, नीति संवाद सत्र, छात्रों एवं युवाओं के लिए डिजाइन एवं नवाचार प्रतियोगिताएं
राजस्थान को ग्लोबल स्टोन हब बनाने की दिशा में निर्णायक पहल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया गया कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 राजस्थान को केवल प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि वैल्यु-ड्रिवन, टेक्नोलॉजी-ओरिएंटेड और ग्लोबली कनेक्टेड स्टोन इंडस्ट्री हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
