जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में 13वें इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के आयोजन की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने आयोजन की व्यवस्थाओं, अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, उद्योग अनुकूल वातावरण और निवेश संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के स्टोन उद्योग के लिए एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसके माध्यम से राज्य की प्राकृतिक संपदा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को वैश्विक पहचान मिलती है। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले निवेशकों और खरीदारों को सकारात्मक अनुभव मिल सके
बैठक में मुख्यमंत्री को आयोजन की अब तक की तैयारियों, प्रदर्शनी ढांचे, बी2बी बैठकों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा व्यवस्था और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय उद्यमियों को अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टोन उद्योग राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात को मजबूती प्रदान करता है। ऐसे में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 को निवेश, नवाचार और व्यापार विस्तार का प्रभावी मंच बनाया जाना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, रीको की प्रबंध निदेशक शिवांगी स्वर्णकार, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नरेश पारीक, इंडिया स्टोनमार्ट के संयोजक नटवरलाल अजमेरा, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम, सीडोओएस के अधिकारी तथा आयोजन से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का आयोजन 5 से 8 फरवरी तक जयपुर स्थित जयपुर एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में प्रस्तावित है। यह चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी प्राकृतिक पत्थरों, माइनिंग, प्रोसेसिंग मशीनरी, टूल्स और स्टोन आर्ट से जुड़े उद्योगों को एक साझा मंच प्रदान करेगी। आयोजन से ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

