27वीं विंटेज और क्लासिक कार एग्जीबिशन एंड ड्राइव सफलतापूर्वक संपन्न जयपुर की सड़कों पर उतरीं करीब 100 विंटेज और क्लासिक कारें खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विजेताओं को वितरित किए पुरस्कार

 



जयपुर, 25 जनवरी।

राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब (RASCC) द्वारा आयोजित जयपुर की प्रतिष्ठित वार्षिक विंटेज और क्लासिक कार एग्जीबिशन एंड ड्राइव के 27वें संस्करण का शनिवार को ताज जय महल पैलेस में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। समारोह में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ तथा टाइटस एंड कंपनी एवं टाइटस म्यूज़ियम के संस्थापक दिलजीत टाइटस ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

इस अवसर पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि विंटेज और क्लासिक कारों के मालिक हमारे इतिहास के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि एग्जीबिशन और ड्राइव को देखने उमड़ी भारी भीड़ यह दर्शाती है कि इस प्रकार के आयोजन किस तरह पर्यटन, संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने हर वर्ष इस आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए आयोजन समिति की सराहना की।

प्रतियोगिता में विजेताओं को तीन श्रेणियों—विंटेज, क्लासिक और मॉडर्न क्लासिक—में पुरस्कार प्रदान किए गए।

विंटेज श्रेणी में कॉनकोर्स डी’एलिगेंस टाइटल दिलजीत टाइटस को उनकी 1929 बुगाटी के लिए दिया गया। फर्स्ट–बेस्ट मेंटेंड कार (यूरोपियन) का पुरस्कार द जेम पैलेस को उनकी 1939 मर्सिडीज बेंज के लिए मिला। मोस्ट ओरिजिनल कार (यूरोपियन) का टाइटल आदित्य रमन को 1935 मर्सिडीज बेंज के लिए दिया गया। बेस्ट मेंटेंड कार (अमेरिकन) का पुरस्कार मुकेश अग्रवाल को उनकी 1930 फोर्ड ए के लिए मिला। फर्स्ट–बेस्ट रिस्टोर्ड कार (अमेरिकन) का पुरस्कार घनी ऑटोज को 1933 शेवरलेट मास्टर ईगल के लिए तथा बेस्ट रिस्टोर्ड कार (यूरोपियन) का पुरस्कार सिद्धार्थ सिंह कच्छावा को उनकी 1932 हम्बर के लिए दिया गया।

क्लासिक एवं मॉडर्न क्लासिक श्रेणी में कॉनकोर्स डी’एलिगेंस टाइटल गौतम हरि सिंघानिया ने अपनी 1951 जगुआर XK 120 के लिए जीता। फर्स्ट–बेस्ट मेंटेंड कार (यूरोपियन) का पुरस्कार मीत बडालिया को 1960 ऑस्टिन हीली के लिए मिला। फर्स्ट–बेस्ट रिस्टोर्ड कार (यूरोपियन) (रघु सिन्हा मेमोरियल ट्रॉफी) विजीत सिंह को 1961 मर्सिडीज बेंज के लिए प्रदान की गई। वहीं फर्स्ट–बेस्ट मेंटेंड कार (अमेरिकन) का पुरस्कार डॉ. समरेश श्रीवास्तव को उनकी 1949 लिंकन के लिए मिला। इसके अतिरिक्त कई अन्य टाइटल्स के पुरस्कार भी वितरित किए गए।

कारों का मूल्यांकन चीफ जज कोलकाता के श्रीवर्धन कनोरिया तथा जयपुर के अधिराज सिंह द्वारा मौलिकता, रखरखाव, दुर्लभता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के आधार पर किया गया।

इससे पूर्व सुबह ताज जय महल पैलेस से ड्राइव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ड्राइव का मार्ग गवर्नमेंट हॉस्टल, एमआई रोड, पांच बत्ती, स्टैच्यू सर्कल, अंबेडकर सर्कल, जनपथ टर्न से चोम्मू सर्कल होते हुए पुनः ताज जय महल पैलेस पर समाप्त हुआ। सड़कों पर दौड़ती विंटेज और क्लासिक कारों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उत्साहित नजर आए।

गौरतलब है कि एग्जीबिशन में दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, जयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों से करीब 100 विंटेज और क्लासिक कारों ने हिस्सा लिया।

समारोह में राजपूताना ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स कार क्लब के संस्थापक अध्यक्ष दयानिधि कासलीवाल, उपाध्यक्ष सुधीर कासलीवाल, सचिव अविजित सिंह बदनौर, पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर उपेंद्र सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


Previous Post Next Post