सिटी पैलेस में पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव का दूसरा संस्करण शुरू देशभर की 70 से अधिक महिला कारीगर ले रहीं हिस्सा, 25 जनवरी तक चलेगा तीन दिवसीय आयोजन

  



जयपुर, 23 जनवरी।

सिटी पैलेस में शुक्रवार को प्रिंसेस दिया कुमारी फाउंडेशन (पीडीकेएफ) आर्टिजंस कलेक्टिव के दूसरे संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय यह आयोजन 25 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें देश के 20 से अधिक राज्यों से आई 70 से ज्यादा महिला कारीगर हिस्सा ले रही हैं। आयोजन में 40 से अधिक पारंपरिक शिल्प विधाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीडीकेएफ की जनरल सेक्रेटरी एवं जयपुर की प्रिंसेस गौरवी कुमारी ने कहा कि महिला कारीगर फाउंडेशन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को सही मंच, सहयोग और साधन मिलते हैं, तभी उनके जीवन और समाज में वास्तविक बदलाव आता है। इस आयोजन का उद्देश्य महिला कारीगरों को केवल निर्माता ही नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी और मार्केटर के रूप में स्थापित करना है।

प्रिंसेस गौरवी ने बताया कि कलेक्टिव के माध्यम से कनेक्शंस और कोलैबोरेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है और भविष्य में इसे देश-विदेश तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि आगंतुक लाइव डेमोंस्ट्रेशन, कार्यशालाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नाइट बाज़ार के जरिए भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं का नजदीक से अनुभव कर सकेंगे।



कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर अनामिका खन्ना उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ काम करने से सकारात्मक बदलाव स्वतः दिखाई देता है और आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिल्प को एक जीवित परंपरा बताते हुए इसे जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।


इस अवसर पर ऑयलमैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट (इनॉवेशन) अमन गर्ग और सहज के निदेशक कमल नैन पांड्या भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि पीडीकेएफ आर्टिजंस कलेक्टिव एशियन एनर्जी सर्विसेज़ एवं ऑयलमैक्स द्वारा प्रस्तुत और सहज द्वारा प्रायोजित है। द लीला इसका हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है।



ब्लेंडिंग बिजनेस एंड क्राफ्ट पर पैनल चर्चा

उद्घाटन के बाद ‘ब्लेंडिंग बिजनेस एंड क्राफ्ट’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें मशहूर कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीता लुल्ला और ट्राइब आम्रपाली की क्रिएटिव डायरेक्टर आकांक्षा अरोड़ा ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा का संचालन टेक्सटाइल डिजाइनर मीनाक्षी सिंह ने किया। वक्ताओं ने शिल्प के संरक्षण, रिसर्च, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स की भूमिका पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नाइट बाज़ार बना आकर्षण

फेस्टिवल के पहले दिन आर्टिजन बाज़ार, स्टूडियो बेरो की कार्यशालाएं और शाम को फ्लूट सिस्टर्स तथा तेरहताली लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। दिन का समापन नाइट बाज़ार के साथ हुआ।

24 जनवरी को स्टाइलिंग, उद्यमिता और शिल्प के भविष्य पर केंद्रित सत्र होंगे, वहीं शाम को गायिका लीसा मिश्रा की लाइव प्रस्तुति होगी।

25 जनवरी को कारीगरों के लिए मार्केटिंग और क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आयोजन का समापन होगा।




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