जयपुर।
वुमनारी फोरम ने विश्वप्रसिद्ध जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस प्रतिष्ठित मंच की सराहना की, जो साहित्य, विचार, कला और संवाद को एक साथ जोड़ने का कार्य करता है।
वुमनारी फोरम ने विशेष रूप से जयपुर साहित्य महोत्सव द्वारा सुलभता और समावेशन की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर नुपुर संस्थान को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो महोत्सव को सभी के लिए, विशेषकर दिव्यांगजनों के लिए, सुलभ और समावेशी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। नुपुर संस्थान के प्रयासों ने साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का प्रेरणादायी कार्य किया है।
कार्यक्रम में वुमनारी की संस्थापक नीलम सक्सेना के साथ डॉ. पूजा रूंगटा, हंसा राठौर (श्रीपा) एवं नीतू आहूजा उपस्थित रहीं।
नुपुर संस्थान के संस्थापक मनोज भारद्वाज के दूरदर्शी नेतृत्व, समर्पण और निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की गई। वहीं, नुपुर भारद्वाज (कोऑर्डिनेटर) के कुशल समन्वय और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।
इसके अतिरिक्त नुपुर संस्थान की टीम के सदस्य दिक्षिका सैनी, कशिश मित्रा, निष्ठा मित्रा एवं तरुण शर्मा के योगदान की भी प्रशंसा की गई, जिनके प्रयासों से जयपुर साहित्य महोत्सव वास्तव में सभी के लिए सुलभ और समावेशी बन सका।
वुमनारी फोरम ने इस प्रेरणादायी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी समावेशी पहलों को समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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