वेदांता द्वारा प्रस्तुत जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के पहले दिन विचारोत्तेजक संवादों और प्रेरक चर्चाओं की भरमार

वेदांता द्वारा प्रस्तुत और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 19वें संस्करण का आज होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। भारत और विश्व भर से साहित्य, राजनीति, मीडिया और संस्कृति के प्रभावशाली विचारकों की उपस्थिति में यह प्रतिष्ठित साहित्यिक उत्सव 15 से 19 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। संवाद, विमर्श और विचारों के मुक्त आदान-प्रदान के मंच के रूप में अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, उत्सव के पहले दिन ने आगामी पाँच दिनों के लिए विचारोत्तेजक चर्चाओं और सशक्त कथाओं की सशक्त नींव रखी।



उत्सव की परंपरागत शुरुआत इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित फेस्टिवल मॉर्निंग म्यूज़िक से हुई। गायिकाएँ ऐश्वर्या विद्या रघुनाथ और ऋत्विक राजा के नेतृत्व में प्रस्तुत इस पाँच सदस्यीय कर्नाटक संगीत समूह ने शास्त्रीय अनुशासन और सृजनात्मक कल्पना का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। वायलिन पर सई रक्षिथ, मृदंगम पर प्रवीण स्पर्श और घटम पर स्कंद मंजुनाथ की संगत ने श्रोताओं को ध्यानमग्न और शांत वातावरण प्रदान किया।


पहले दिन का उद्घाटन सत्र प्रसिद्ध लेखिका बानू मुश्ताक के मुख्य भाषण से हुआ, जिसके बाद उत्सव की सह-निर्देशक लेखिका नमिता गोखले, विलियम डैलरिम्पल तथा उत्सव निर्माता संजय के. रॉय के उद्घाटन संबोधन हुए। राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ उत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया गया।


टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय ने डिग्गी पैलेस से लेकर नौ वैश्विक शहरों तक फैले उत्सव की यात्रा को याद करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे समकालीन विषयों से जुड़ाव पर प्रकाश डाला। नमिता गोखले ने भारत और विश्व भर से आए लेखकों का स्वागत करते हुए विभिन्न भाषाओं और साहित्यिक परंपराओं के प्रतिनिधित्व को रेखांकित किया।

अपने मुख्य भाषण में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा,

“जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव, शब्दों का संगम और संस्कृतियों के बीच संवाद का सेतु है।”



नमिता गोखले ने कहा,

“माघ महीने की इस उजली धूप में, जब पतंगें स्वतंत्रता की ओर उड़ती हैं, वैसे ही जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 विचारों की उड़ान का प्रतीक है। हर वर्ष नई ऊर्जा और जिज्ञासा के साथ यह उत्सव अपनी आत्मा को जीवंत रखता है।”


इतिहासकार और सह-निर्देशक विलियम डैलरिम्पल ने उत्सव के 19 वर्षों में हुए अभूतपूर्व विस्तार पर प्रकाश डालते हुए कहा,

“इस उत्सव की जड़ें इतनी गहराई से इसलिए जमी हैं क्योंकि यहाँ कभी-कभी पाँच लाख से अधिक लोग लेखकों को पुस्तकों पर बोलते सुनने आते हैं।”


उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक ने मौतूशी मुखर्जी से संवाद करते हुए लेखन को असमानता और विस्मरण से जूझते समाजों में जीवित रहने और प्रतिरोध का माध्यम बताया। उन्होंने युवा लेखकों को प्रेरित करते हुए कहा,

“लेखन की योजना बनाने के बजाय लिखना शुरू करें। लिखिए, लिखिए और लगातार लिखिए।”


प्रसिद्ध कवि, गीतकार और चिंतक जावेद अख्तर ने ‘जावेद अख्तर: पॉइंट्स ऑफ व्यू’ सत्र में वरिशा फरासत से संवाद में स्वतंत्रता के बाद के भारत, मध्यवर्ग और समाज में लेखकों की भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं से कहा कि दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने भीतर प्रेरणा खोजें।


अरब और यहूदी सह-अस्तित्व विषय पर आयोजित सत्र को-एक्ज़िस्टेंस: हाउ अरेब्स एंड ज्यूज़ कैन लिव टुगेदर में इतिहासकार उस्सामा मकदिसी, नोआ अवीशाग श्नाल और एवी श्लाइम ने स्मृति, मेल-मिलाप और सह-अस्तित्व पर अपने विचार रखे।


बुकर्स पुरस्कार विजेता लेखिका किरण देसाई ने द लॉनलीनेस ऑफ सोनिया एंड सनी सत्र में नंदिनी नायर से बातचीत में अपने लेखन जीवन, सृजनात्मक अनुशासन और उपन्यास की भावनात्मक गहराइयों पर चर्चा की।

उत्सव में गोपालकृष्ण गांधी और नारायणी बसु के बीच द अनडाइंग लाइट: इंडिया’ज़ फ्यूचर्स सत्र में भारत की लोकतांत्रिक चेतना और नैतिक कल्पना पर विचार हुआ। गांधी ने अपनी आत्मकथा द अनडाइंग लाइट: ए पर्सनल हिस्ट्री ऑफ इंडिपेंडेंट इंडिया पर चर्चा करते हुए सत्य और ईमानदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।


उत्सव के दौरान कई फर्स्ट एडिशन पुस्तक विमोचन भी हुए, जिनमें ए स्टेट्समैन एंड ए सीकर: द लाइफ एंड लिगेसी ऑफ डॉ. करण सिंह और द आर्ट ऑफ बीइंग फैब्युलस शामिल हैं।

डिजिटल युग में विश्वसनीयता और सत्य पर केंद्रित सत्र द सेवन रूल्स ऑफ ट्रस्ट में विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स ने पत्रकार अनीता आनंद से संवाद में सोशल मीडिया और सूचना के बदलते स्वरूप पर चर्चा की।

उत्सव के दूसरे दिन लाइटनिंग किड में विश्वनाथन आनंद, और ए बिट ऑफ फ्राय में स्टीफन फ्राय जैसे प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे।

जयपुर के हृदय में आयोजित यह वैश्विक साहित्यिक महोत्सव आने वाले दिनों में प्रेरणा, संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव का केंद्र बना रहेगा l

Previous Post Next Post