दक्षिण एशिया का प्रमुख प्रकाशन सम्मेलन ‘जयपुर बुकमार्क’, ब्लूवन इंक द्वारा प्रस्तुत, अपने 13वें संस्करण के साथ आरंभ

ब्लूवन इंक द्वारा प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026, दक्षिण एशिया का अग्रणी प्रकाशन सम्मेलन और क्षेत्र का प्रमुख बी2बी पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म, अपने 13वें संस्करण के साथ 19वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के समानांतर 15 से 19 जनवरी 2026 तक होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में आयोजित हो रहा है। बीते वर्षों में जयपुर बुकमार्क ने भारतीय प्रकाशन जगत के विकास, स्थायित्व और नवाचार को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, साथ ही यह वैश्विक पुस्तक व्यापार से जुड़े पेशेवरों के लिए संवाद और सहयोग का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है।



भारत और विश्व भर से प्रकाशक, साहित्यिक एजेंट, संपादक, लेखक, अनुवादक, पुस्तक विक्रेता और उद्योग से जुड़े अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाते हुए, जयपुर बुकमार्क दीर्घकालिक सहयोग, पेशेवर संवाद और नई सोच को बढ़ावा देता है, जो विभिन्न भाषाओं और बाजारों में प्रकाशन की बदलती वास्तविकताओं का उत्तर देती है। इसके 13वें संस्करण के उद्घाटन समारोह में प्रकाशन, साहित्य और सांस्कृतिक नेतृत्व से जुड़ी प्रमुख आवाज़ों ने पुस्तकों और पाठकों की बदलती दुनिया पर विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत फेस्टिवल प्रोड्यूसर सम्मोहन माथोदिया ने की। इसके पश्चात ट्रांसलेशन राइट्स कैटलॉग का लोकार्पण फेस्टिवल डायरेक्टर मनीषा चौधरी, नॉर्वे की राजदूत महामहिम मे एलिन स्टेनर और उनकी टीम द्वारा किया गया।



इस अवसर पर नॉर्वे की राजदूत महामहिम मे एलिन स्टेनर ने जयपुर बुकमार्क द्वारा साहित्यिक समुदायों को दिए जा रहे समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और वाक्-स्वतंत्रता नॉर्वे और भारत जैसे लोकतांत्रिक समाजों के लिए अनिवार्य स्तंभ हैं।” टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय के. रॉय ने जयपुर बुकमार्क की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पर प्रकाश डाला। वहीं, फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने जयपुर बुकमार्क में होने वाले विविध साहित्यिक आदान-प्रदान पर अपने विचार साझा किए। ब्लूवन इंक के संस्थापक डॉ. परिक्षित सिंह ने भाषा और कहानी कहने की स्थायी महत्ता को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता रंजीत होस्कोटे ने अपने संबोधन में कहा, “प्रकाशन केवल व्यापार नहीं हो सकता, इसे एक सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में देखा जाना




2026 संस्करण के उद्घाटन सत्र इल्यूमिनेटिंग ट्रांसलेशंस में अनुवाद, भाषा और साहित्यिक मूल्य पर चर्चा हुई। इस सत्र में दीपा भास्थी ने ‘अंतरराष्ट्रीय पाठक’ के लिए लिखने और अनुवाद करने की अवधारणा पर विचार रखते हुए निश्चित मानकों की धारणा को चुनौती दी। उन्होंने भारत में अंग्रेज़ी भाषा की विविधता, बोलियों और बारीकियों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, “मैं इस बात पर विश्वास नहीं करती कि ‘सही अंग्रेज़ी’ के कृत्रिम मानकों से बंधकर लिखा जाए।” इसके बाद डिज़ाइन्ड टू प्लीज़ सत्र में गुंजन अहलावत और उजान दत्ता ने देवांगना दाश के साथ पुस्तक निर्माण में डिज़ाइन, सौंदर्यबोध और पाठक अनुभव की भूमिका पर चर्चा की।



अपने 13वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, जयपुर बुकमार्क एक बार फिर प्रकाशन के क्षेत्र में पेशेवर और सांस्कृतिक संवाद के एक प्रमुख मंच के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करता है। भाषाई, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सीमाओं से परे संवाद के लिए स्थान बनाकर यह सम्मेलन भारत और व्यापक दक्षिण एशियाई क्षेत्र में प्रकाशन पर होने वाली विमर्श प्रक्रिया का केंद्र बना हुआ है।



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