वेदांता द्वारा प्रस्तुत जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के दूसरे दिन खेल, यात्रा, इतिहास, हास्य और विज्ञान पर केंद्रित विविध सत्र


शतरंज के ग्रैंडमास्टर की सोच से लेकर स्टीफन फ्राय की तीक्ष्ण बुद्धि तक, कथा साहित्य की उत्पत्ति से लेकर ब्रह्मांड के रहस्यों तक—वेदांता द्वारा प्रस्तुत जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के दूसरे दिन ने होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में विचारों, बौद्धिक विमर्श और रचनात्मक अभिव्यक्ति की एक समृद्ध यात्रा प्रस्तुत


पुस्तकों, विचारों, संगीत, कला, विरासत और संस्कृतियों के बीच बने सेतु का यह वैश्विक साहित्यिक महोत्सव विभिन्न स्थलों पर बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करता रहा। उत्सव की निरंतर बढ़ती ऊर्जा के बीच, पहले दिन लॉन्च हुई अमन नाथ की पहली पुस्तक ओल्डर, बोल्डर को लेकर भी चर्चा बनी रही, जिसका विमोचन संजय के. रॉय और ज़ीनत अमान ने किया था। पुस्तक के बारे में बात करते हुए अमन नाथ ने कहा,



“मेरी यह पुस्तक उन चेहरों को समर्पित है जिन्हें मैंने चाहा और पीछे छोड़ दिया, और उन चेहरों को भी जिन्हें मैंने चाहा लेकिन कभी जान नहीं पाया।”

ज़ीनत अमान ने कहा,

“इस पुस्तक में कविता और गद्य के माध्यम से उनके जीवन की यात्रा के विविध विषयों की झलक मिलती है।”



दूसरे दिन की शुरुआत भोप समुदाय की भंवरी देवी द्वारा प्रस्तुत मॉर्निंग म्यूज़िक से हुई, जिनकी आत्मीय लोक प्रस्तुति ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। इसके बाद पहले सत्र लाइटनिंग किड में विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने राहुल भट्टाचार्य से संवाद किया। इस सत्र में आनंद के शानदार करियर, अंतरराष्ट्रीय शतरंज में रणनीतिक बदलावों और उनकी पुस्तक लाइटनिंग किड के पीछे की प्रेरणाओं पर चर्चा हुई। युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए आनंद ने कहा,

“हर व्यक्ति के जीवन में एक ऐसा काम ज़रूर होना चाहिए, जिसे वह पूरी लगन से करे, भले ही उसके लिए उसे पैसे न मिलें।”

उन्होंने अपने जीवन और करियर में अपनी माँ की भूमिका को स्वीकार करते हुए कई रोचक किस्से भी साझा किए, साथ ही प्रशिक्षण, दबाव और असफलताओं जैसे कठिन पहलुओं पर भी खुलकर बात की।


समकालीन मुद्दों पर विमर्श जारी रहा द फिलैंथ्रॉपी पैराडॉक्स सत्र में, जहाँ एस्थर डुफ्लो, सिद्धार्थ शर्मा, वैभव बुधराजा और कांता सिंह ने नौशाद फोर्ब्स के साथ दान और परोपकार के उद्देश्य, सफल उदाहरणों, तथा सरकार, एनजीओ और निजी ट्रस्टों के बीच जटिल संबंधों पर चर्चा की। महिलाओं की भूमिका और योगदान पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।


इसके बाद द ट्रैवल सेशन में ज्योफ डायर, लाइस डूसे, नोआ अवीशाग श्नाल और पल्लवी अय्यर ने मोनिशा राजेश से बातचीत में यात्रा लेखन की प्रकृति पर विचार साझा किए। लेखकों ने बताया कि यात्रा लेखन केवल आत्मकथा नहीं, बल्कि उस वातावरण और यात्रा के अनुभवों का भी दस्तावेज़ होता है।



ब्रिटिश अभिनेता और लेखक स्टीफन फ्राय ने ए बिट ऑफ फ्राय सत्र में अनिश गावंडे से संवाद में भाषा, हास्य और बौद्धिक जिज्ञासा पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने अपने कठिन बचपन से लेकर ब्रिटेन के सबसे प्रिय सार्वजनिक व्यक्तित्व बनने तक की यात्रा साझा की। भाषा को अपने लिए “संजीवनी” बताते हुए फ्राय ने एनाग्राम्स, ऑस्कर वाइल्ड के प्रभाव, पहचान, रचनात्मकता, सोशल मीडिया और विचारों की स्थायी शक्ति पर अपने विचार रखे।


द लॉस्ट हीर: वीमेन इन कॉलोनियल पंजाब सत्र में हरलीन सिंह ने ब्रिटिश पत्रकार अनीता आनंद से बातचीत में अपनी पुस्तक पर चर्चा की। सिंह ने कहा कि पंजाब की महिलाओं का इतिहास प्रायः उपनिवेशवादी दृष्टिकोण से दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी वास्तविक कहानियाँ और स्त्रीत्व छूट गया। उन्होंने कहा,

“सामान्य महिलाओं का इतिहास लोककथाओं, व्यंजनों और बिखरे हुए चित्रों में मिलता है।”

उन्होंने बताया कि ‘हीर’ उनके लिए आदर्श पंजाबी महिला का प्रतीक है।


ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर केंद्रित सत्र गॉड पार्टिकल: द स्टोरी ऑफ एवरीथिंग में सीईआरएन की वैज्ञानिक अर्चना शर्मा और खगोलभौतिक विज्ञानी गेरेंट लुईस ने मार्कस डु सॉटॉय के साथ संवाद में दर्शकों को विज्ञान के गहरे रहस्यों से परिचित कराया। अर्चना शर्मा ने कहा,

“आज की हर खोज, कल की खोजों का आधार बनती है।”

हिग्स बोसॉन कण पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिकों ने गणित और विज्ञान को मानवता के कल्याण के लिए उपयोग करने की बात कही।



दूसरे दिन एक महत्वपूर्ण घोषणा में जेएलएफ इंटरनेशनल एडिशन के नए संस्करण का ऐलान किया गया। अमेरिका, वायादोलिद और लंदन के बाद अब जेएलएफ आइलैंड ऑफ आयरलैंड का आयोजन 22 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। इस अवसर पर आयरिश फिडल वादक इवान रोड्रिक की मनमोहक प्रस्तुति हुई, जिसके बाद कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए।


इसके साथ ही टीमवर्क आर्ट्स ने स्लीपवेल प्रस्तुत द सेक्रेड अमृतसर फेस्टिवल 2026 की तिथियों की घोषणा की, जो 20 से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा। इस उत्सव में पद्मश्री कैलाश खेर और कैलासा, द अनिरुद्ध वर्मा कलेक्टिव, द कुटले खान प्रोजेक्ट और उषा उत्थुप जैसे कलाकार प्रस्तुति देंगे।


दूसरे दिन ओजस आर्ट: असेंडिंग रूट्स सत्र में रविंदर रेड्डी और प्रेमजीश आचारी के बीच संवाद हुआ, जिसमें समकालीन भारतीय कला में परंपरा और नवाचार के संगम पर चर्चा की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुरिया जनजाति के कलाकार पिसाडू राम मंडावी को ओजस आर्ट अवार्ड 2026 प्रदान किया गया। मंडावी उत्सव के सभी पाँच दिनों में दर्शकों के सामने लाइव कला सृजन करेंगे।



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