कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह: ‘बिना सिफारिश और बिना खर्चे के युवाओं को मिल रही नौकरी’ भजनलाल सरकार ने पेपरलीक से राजस्थान को दिलाई निजात : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

 



जयपुर | 10 जनवरी 2026

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी प्रदेश की प्रगति का आधार पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सुदृढ़ कानून व्यवस्था होती है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान चल रहे पेपरलीक के सिलसिले को समाप्त कर प्रदेश को इससे निजात दिलाई है।

उन्होंने कहा कि आज राजस्थान के युवाओं को ‘बिना सिफारिश और बिना खर्चे’ के योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं, जो सुशासन का प्रमाण है।


श्री शाह शनिवार को राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में आयोजित कांस्टेबल नव नियुक्ति समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था के बिना विकास संभव नहीं है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने न केवल पेपरलीक पर सख्ती की, बल्कि कानून व्यवस्था को भी मजबूती दी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को देश का अग्रणी निवेश राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए हैं, जिसका परिणाम है कि आज देशभर के निवेशक राजस्थान की ओर आकर्षित हो रहे हैं।


राजस्थान पुलिस देश का अग्रणी पुलिस बल : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राजस्थान पुलिस देश के सबसे सक्षम और अग्रणी पुलिस बलों में शामिल है। उन्होंने नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि युवा पुलिसकर्मी प्रशिक्षण काल में पूरी एकाग्रता से सीखें और उसके बाद जनता की सेवा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

उन्होंने बताया कि चयनित कांस्टेबलों में 2,500 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।




श्री शाह ने कहा कि पाकिस्तान से लगी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा, चंबल के दुर्गम बीहड़, थार का मरुस्थल, धार्मिक व पर्यटन स्थल और वन्य क्षेत्र—इन सभी भौगोलिक चुनौतियों के कारण राजस्थान पुलिस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसके बावजूद राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के कारण अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।


उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान में कुल अपराधों में 14 प्रतिशत से अधिक, गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत, हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती में 47 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में लगभग 51 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।





दो वर्षों में राजस्थान पुलिस का व्यापक आधुनिकीकरण

श्री शाह ने कहा कि बीते दो वर्षों में राजस्थान पुलिस को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इनमें एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, 112 सेवा, सीसीटीएनएस, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) का एकीकरण और अभय कमांड सेंटर शामिल हैं।

साइबर अपराधों से निपटने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तंभ ऑनलाइन जुड़े

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 150 वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानून लागू किए गए हैं।

इन कानूनों के तहत शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आपराधिक न्याय प्रणाली के पांचों स्तंभ—पुलिस, अभियोजन, जेल, एफएसएल और न्यायालय—को ऑनलाइन जोड़ा गया है।

महिला एवं बाल सुरक्षा, आतंकवाद और संगठित अपराध की स्पष्ट परिभाषा, तथा सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य करने जैसे प्रावधान इन कानूनों को प्रभावी बनाते हैं।

श्री शाह ने कहा कि नए कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद तीन वर्षों के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से राजस्थान में दोष सिद्धि दर 41 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो चुकी है, जो भविष्य में 85 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश के लिए अभूतपूर्व : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद का यह कालखंड देश के लिए अभूतपूर्व है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का सशक्त नेतृत्व मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ना देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पर नियंत्रण, औपनिवेशिक कानूनों की समाप्ति, सीएए कानून, और पूर्वोत्तर में शांति समझौते देश की आंतरिक सुरक्षा को नई मजबूती दे रहे हैं।

नव चयनित कांस्टेबल सजग, सक्षम और तत्पर रहें

मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कांस्टेबलों को बधाई देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि सभी नव चयनित जवानों को नए कानूनों की भावना को समझते हुए साइबर अपराध से लेकर संगठित अपराध तक हर चुनौती का डटकर सामना करना होगा।

उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण को आधुनिक बनाते हुए एआई और उन्नत फोरेंसिक तकनीक को शामिल किया गया है।

राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) की स्थापना की घोषणा की।

यह केंद्र साइबर अपराध नियंत्रण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे जिलों के बीच बेहतर समन्वय, सूचना साझा करना और अनुसंधान संभव होगा।

8 हजार से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र

पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कांस्टेबल आपराधिक न्याय प्रणाली की रीढ़ होते हैं। 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों की नियुक्ति से प्रदेश की कानून व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से 10 आरक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। साथ ही खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत राजस्थान पुलिस अकादमी में बने मल्टीपरपज इंडोर हॉल का वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्यमंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, सांसद श्री मदन राठौड़, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बड़ी संख्या में नव नियुक्त कांस्टेबल और उनके परिजन उपस्थित रहे।


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