जयपुर।
एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. महिला महाविद्यालय, रामबाग जयपुर में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मल्टीडिसिप्लिनरी कॉन्फ्रेंस “इनोवेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, रिसर्च एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचारों, अनुसंधान और सतत विकास से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।
समापन सत्र की मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा अरोड़ा, कमिश्नर, डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. महेश शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट, आईएससीबी एवं प्रबंध निदेशक, प्लांट्स मेड लेबोरेटरी प्राइवेट लिमिटेड तथा कैप्टन शशि किरण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-पश्चिम रेलवे उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रो. पी.सी. माली एवं डॉ. घनश्याम कच्छवाह भी मंचासीन रहे।
कॉन्फ्रेंस के तीसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता निधि सोढाणी, सीईओ एवं फाउंडर, लेक्सकॉम्प ग्लोबल, कैलिफोर्निया तथा प्रो. विनोद भारद्वाज, केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर ने की। इस सत्र में डॉ. ऋतुजा शर्मा (वनस्थली विद्यापीठ) ने अपराधों से जुड़े कानूनों एवं मानवाधिकारों पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. रोहित जैन (राजस्थान विश्वविद्यालय) ने समाज पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों को रेखांकित करते हुए संस्कृति की रक्षा हेतु इसके विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। इस सत्र में लगभग 30 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
चौथे तकनीकी सत्र का आयोजन कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रो. वाणी भटनागर, डिजिटल वेब स्ट्रेटजिस्ट, टेक्सास (यूएसए) एवं अनुराग लाल, ग्लोबल हेड, बिजनेस डेवलपमेंट, ताइवान ने की। इस सत्र में डॉ. रमा सोलंकी, वरिष्ठ टीवी पत्रकार, टाइम्स नेटवर्क, डॉ. रेखा, नेशनल चुंग हसिंग यूनिवर्सिटी, ताइचुंग (ताइवान) एवं डॉ. पवनदीप बिंद्रा, फाइनेंस एक्सपर्ट एवं फ्रीलांस ट्रेनर ने अपने वक्तव्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सतर्क और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया। इस सत्र में लगभग 28 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
सभी तकनीकी सत्रों में उत्कृष्ट शोध पत्रों एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। समापन अवसर पर कॉन्फ्रेंस की चेयरपर्सन एवं प्राचार्या डॉ. स्वाति जैन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सुबोध शिक्षा समिति के मानद सचिव एस.एस. बोथरा ने कॉन्फ्रेंस को बुद्धिजीवियों का सशक्त मंच बताते हुए इसकी व्यावहारिक उपयोगिता को अत्यंत आवश्यक बताया। महाविद्यालय के संयोजक डॉ. राकेश हीरावत ने शोध, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भी सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया।
आयोजन की संयोजिका डॉ. रुचिका शर्मा एवं सह-संयोजिका डॉ. रेखा जैन ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन डॉ. तनु यादव, प्रीति ओझा, राहुल चौधरी एवं सृष्टि शर्मा ने किया।
