जयपुर 21 जनवरी। आगामी 24 जनवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में NIMS विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिजनेस एवं जनसंचार पत्रकारिता विभाग तथा राजस्थान पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में “सशक्त बेटी-समृद्ध भारत” विषय पर सेमिनार एवं मैराथन का आयोजन एडवांस में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के सम्मान, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को लेकर समाज में पूर्व जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में एडिशनल एसपी कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीणा उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने कहा कि सशक्तिकरण का उत्सव किसी एक दिन का मोहताज नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को डिजिटल रूप से जागरूक रहने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खुद को सशक्त बनाने की अपील की।
*सुरक्षा का लाइव डेमो और राजस्थान पुलिस के नवाचार*
मुख्य अतिथि एएसपी सुनीता मीणा ने इस अग्रिम आयोजन की सराहना करते हुए छात्राओं को सुरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए। उन्होंने निर्भया स्क्वाड की कार्यप्रणाली समझाई और ऑनलाइन हैरेसमेंट से बचने के लिए लाइव डेमो दिया। उन्होंने छात्राओं को राजस्थान पुलिस ऐप इंस्टॉल करवाकर आपातकालीन समय में त्वरित मदद लेने की प्रक्रिया भी समझाई।
*नई शिक्षा नीति पर चर्चा*
विशिष्ट अतिथि संगठन सचिव विज्ञान भारती डॉ. मेघेंद्र शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) किस तरह बेटियों के भविष्य को संवारने में सहायक है। विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष (वैश्विक) प्रो. संतोष नायर ने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर देना ही समृद्ध भारत की असली शुरुआत है।
*मैराथन से भरी हुंकार: दौड़ती बेटियां, बढ़ता भारत*
सेमिनार के साथ ही एक विशाल मैराथन का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। 24 जनवरी के उपलक्ष्य में समय से पहले आयोजित इस दौड़ ने पूरे परिसर में जोश भर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. वाइस चांसलर डॉ. सुरेश सोनी ने सभी को शपथ दिलाई कि वे बालिकाओं के मान-सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
*शिक्षाविद्, अधिकारी और छात्र रहे उपस्थित*
कार्यक्रम में डॉ. अनुपमा पांडे, डॉ. सरिका ताखर, डॉ. सुनीत शर्मा, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेक वैष्णव, डॉ. दिव्या पारीक, कुश शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, प्रशासनिक अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलंटियर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहीं।