जयपुर, 23 जनवरी।
एस.एस. जैन सुभोध गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, सांगानेर, जयपुर में “SYNERGIZE 2026: Fostering Multi-disciplinary Approaches and Innovations in Digital Age” विषय पर 23 व 24 जनवरी 2026 को द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल एवं गरिमामय आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य डिजिटल युग में बहुविषयक दृष्टिकोण, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना रहा।
संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. संजय चौधरी, प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजीव अग्रवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एम.एन.आई.टी.), जयपुर तथा डॉ. विकास यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जे.एन.यू.), नई दिल्ली उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रीता जैन ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में शिक्षा और अनुसंधान केवल एक विषय तक सीमित नहीं रह सकते, बल्कि बहुविषयक सहयोग और नवाचार ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने इस प्रकार की संगोष्ठियों को विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
उद्घाटन सत्र के दौरान संगोष्ठी संयोजक डॉ. किरण जोशी ने संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में विज्ञान, तकनीक, जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं डिजिटल नवाचार से जुड़े विषयों पर मंथन किया गया।
संगोष्ठी के अंतर्गत प्रथम तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए विशेषज्ञों और शोधार्थियों द्वारा शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुत किए गए। विशेषज्ञ वक्ताओं ने डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, बहुविषयक अनुसंधान तथा नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली पर अपने विचार साझा किए।
दो दिवसीय इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। संगोष्ठी के दौरान कुल 46 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिनमें डिजिटल युग में अनुसंधान की नवीन प्रवृत्तियों, तकनीकी नवाचारों और समाज पर उनके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
संगोष्ठी के दौरान विचार-विमर्श, प्रश्नोत्तर सत्र एवं अकादमिक संवाद ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया। प्रतिभागियों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति, महाविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन डिजिटल युग में नवाचार और बहुविषयक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ किया गया।

