अजमेर। अजमेर डेयरी संघ की 160वीं संचालक मंडल बैठक आज संघ अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पशुपालकों एवं संघ के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान में पशुपालकों को ₹9 प्रति फैट की दर से दिया जा रहा दूध खरीद मूल्य 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगा। 1 अप्रैल 2026 से दूध क्रय मूल्य में वृद्धि करते हुए कुल ₹10 प्रति फैट भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। वर्तमान ₹0.75 प्रति फैट हिस्सा राशि को क्रय मूल्य में जोड़कर ₹9.75 प्रति फैट किया जाएगा तथा शेष ₹0.25 प्रति फैट संघ अपने पोते से जोड़कर पशुपालकों को दिया जाएगा।
साथ ही समितियों के 2% बचत खाते से दुग्ध संकलन पर वर्तमान में की जा रही ₹0.25 प्रति फैट कटौती को 1 अप्रैल 2026 से पूर्णतः बंद करने का निर्णय लिया गया। पशुपालकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से लंबित अनुदान राशि शीघ्र दिलाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रील कंपनी के माध्यम से ही समस्त डेटा सीधे जिला संघ एवं राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) को भेजा जाएगा, जिससे पारदर्शिता एवं त्वरित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में 207 समितियों को छोड़कर शेष सभी में रील पद्धति लागू है, जिन्हें चरणबद्ध रूप से मार्च तक जोड़ा जाएगा।
विपणन विस्तार के तहत आगामी वित्तीय वर्ष में प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। अजमेर शहर में ब्लिंकिट कंपनी द्वारा जयपुर डेयरी के सरस दूध की बिक्री बंद करवाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में दूध बिक्री बढ़ाने हेतु प्रत्येक बीएमसी पर 2-इन-1 डी-फ्रिज उपलब्ध करवाए जाएंगे।
दही उत्पादन को 10,000 किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 20,000 किलोग्राम प्रतिदिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। मिलावट रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए निजी दूध लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने एवं दोषी समिति को 3 वर्ष निलंबन व ₹1 लाख जुर्माने का निर्णय लिया गया।
संघ में रिक्त 83 पदों पर सीधी भर्ती हेतु अनुमोदन दिया गया, जो आरसीडीएफ के माध्यम से सहकारी भर्ती बोर्ड द्वारा की जाएगी। साथ ही “सरस सुरक्षा कवच” योजना के स्थान पर एलआईसी के माध्यम से नई योजना लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
ठेका श्रमिकों के दैनिक मानदेय में ₹67 प्रतिदिन की वृद्धि तथा स्थायी कर्मचारियों के विशेष पैकेज में ₹2000 की बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया।
संघ अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि संचालक मंडल के ये निर्णय पशुपालकों की आय वृद्धि, विपणन विस्तार एवं संघ की वित्तीय सुदृढ़ता में मील का पत्थर साबित होंगे।
संघ की अगली बैठक 28 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी।
