जयपुर, 05 फरवरी 2026।
राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के अनुसार राजस्थान में सौर ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 828 गीगावाट है, जबकि राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) के अनुसार राज्य में 150 मीटर ऊंचाई पर पवन ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 284 गीगावाट आंकी गई है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र बनने की पूरी क्षमता रखता है।
मदन राठौड़ द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक ने सदन को यह जानकारी दी। राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की सोलर पार्क एवं अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना योजना के अंतर्गत राजस्थान में कुल 10,726 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क स्वीकृत किए गए हैं। इनमें भादला, फलोदी–पोकरण, फतेहगढ़, नोख, पुगल (बीकानेर) एवं जैसलमेर जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में अब तक 1,31,057 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इससे आमजन को बिजली बिल में राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से किसानों के लिए सोलर पंपों की स्थापना, ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन तथा अपनी भूमि पर सौर संयंत्र स्थापित कर सौर उद्यमी बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान सरकार की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के तहत वर्ष 2030 तक 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, उच्च दक्षता वाले सोलर पीवी मॉड्यूल के लिए केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के अंतर्गत देशभर में लगभग 48.3 गीगावाट विनिर्माण क्षमता के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किए गए हैं। राजस्थान में जयपुर जिले में दो कंपनियों द्वारा लगभग 5.7 गीगावाट सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
रोजगार के संदर्भ में राठौड़ ने बताया कि पीएलआई योजना के तहत देशभर में अब तक 13,600 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं, जिनमें से 3,156 रोजगार जयपुर तथा 20 रोजगार बाड़मेर जिले में उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते भारत की घरेलू सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता एएलएमएम सूची के तहत बढ़कर लगभग 144 गीगावाट तक पहुंच गई है। साथ ही, सोलर मॉड्यूल का निर्यात वित्त वर्ष 2021-22 में 83 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2024-25 में लगभग 1121 मिलियन डॉलर हो गया है।
मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से राजस्थान ऊर्जा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, साथ ही युवाओं को रोजगार और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं। यह सभी प्रयास विकसित भारत 2047 के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करते हैं।
