जयपुर | फरवरी 2026। अपनी जीवंत संस्कृति और तेज़ शहरी जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले जयपुर में अब लोग आंतरिक संतुलन और मानसिक शांति की तलाश में भी आगे बढ़ रहे हैं। इसी बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Yogoda Satsanga Society of India (YSS) 13 से 15 फरवरी 2026 तक शहर में तीन दिवसीय संन्यासी कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को परमहंस योगानंद द्वारा सिखाई गई प्रामाणिक और वैज्ञानिक ध्यान साधना का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम का मार्गदर्शन YSS के वरिष्ठ संन्यासी Swami Achyutananda करेंगे, जो वर्तमान में YSS मुख्यालय, दक्षिणेश्वर में आश्रम-प्रभारी हैं।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ध्यान की उपयोगिता
1917 में स्थापित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया पिछले एक सदी से अधिक समय से ध्यान की व्यावहारिक और वैज्ञानिक विधियों का प्रसार कर रही है। संस्था का उद्देश्य त्याग पर नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के बीच संतुलित और सार्थक जीवन जीने की कला सिखाना है।
संस्था के अनुसार छात्र, पेशेवर, गृहिणियां और सेवानिवृत्त व्यक्ति—सभी इन विधियों को अपनी दिनचर्या में सहजता से शामिल कर सकते हैं। कार्यक्रम में सामूहिक ध्यान, भक्ति संगीत, आध्यात्मिक परामर्श और प्रशिक्षित संन्यासियों का मार्गदर्शन शामिल रहेगा।
एक जयपुरवासी का अनुभव
जयपुर निवासी डॉ. हेमेंद्र शर्मा, जो कई वर्षों से YSS से जुड़े हैं, बताते हैं कि ध्यान की इन शिक्षाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया।
“मैं YSS के पाठों से उस समय जुड़ा जब जीवन बेहद भागदौड़ भरा और मानसिक रूप से अव्यवस्थित लगता था। ये पाठ केवल सिद्धांत नहीं हैं, बल्कि आपको क्रमबद्ध तरीके से ध्यान की ओर ले जाते हैं। समय के साथ मुझे अधिक शांति, निर्णय लेने में स्पष्टता और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी स्थायी खुशी का अनुभव हुआ,” उन्होंने कहा।
उनका मानना है कि इन शिक्षाओं की सरलता आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप है, जिससे लोग अपनी दिनचर्या में बड़े बदलाव किए बिना घर पर ही ध्यान का अभ्यास कर सकते हैं।
कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन जयपुरवासियों को कुछ समय ठहरकर स्वयं से जुड़ने और मानसिक संतुलन की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर देगा।

