जयपुर। ब्रेन ट्यूमर को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और डर को दूर करने के उद्देश्य से जयपुर स्थित Narayana Hospital Jaipur ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। कार्यक्रम में 20 से 25 ऐसे मरीज शामिल हुए, जिनकी ब्रेन ट्यूमर सर्जरी को लगभग 4 से 5 वर्ष हो चुके हैं। मरीजों ने अपनी पोस्ट-सर्जरी यात्रा, चुनौतियों और सामान्य जीवन में वापसी के अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना रहा कि समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार और सही पुनर्वास से ब्रेन ट्यूमर के मरीज पूर्ण और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी डॉ. के.के. बंसल ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर का नाम सुनते ही मरीज और परिजन घबरा जाते हैं, जबकि आधुनिक न्यूरोसर्जरी, एडवांस इमेजिंग और सटीक सर्जिकल तकनीकों के कारण उपचार के परिणाम पहले से कहीं बेहतर हुए हैं। अधिकांश मामलों में समय पर सर्जरी से मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं।
हॉस्पिटल के फेसेलिटी डायरेक्टर डॉ. दलवीर सिंह बालिया ने कहा कि गंभीर बीमारियों को लेकर समाज में संवाद की कमी अक्सर मरीजों को समय पर उपचार लेने से रोकती है। अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और विश्वास का वातावरण तैयार करना भी है।
क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप गोयल ने बताया कि मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच, एडवांस टेक्नोलॉजी और अनुभवी टीम के सहयोग से ब्रेन ट्यूमर के उपचार में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा रही है। सर्जरी के बाद नियमित मॉनिटरिंग, रिहैबिलिटेशन और फॉलोअप उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितनी कि सर्जरी।
डॉक्टरों ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों में लगातार सिरदर्द, उल्टी, दौरे पड़ना, दृष्टि या व्यवहार में असामान्य परिवर्तन शामिल हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत न्यूरोलॉजिकल जांच करानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अस्पताल ने स्पष्ट संदेश दिया कि ब्रेन ट्यूमर कोई सामाजिक कलंक नहीं है। सही जानकारी, समय पर उपचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीज स्वस्थ जीवन की ओर सफलतापूर्वक लौट सकते हैं।


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