संसदीय कार्य मंत्री ने बजट 2026-27 पर दी प्रतिक्रिया राजस्थान को 2047 तक विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी बनाने का रोडमैप – जोगाराम पटेल

 


जयपुर/जोधपुर, 11 फरवरी। 

संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने वर्ष 2026-27 के राज्य बजट पर प्रतिक्रिया  व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को धरातल पर उतारने वाला है। उन्होंने कहा उप मुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वित्तीय रोडमैप से स्पष्ट है कि राजस्थान अब सुशासन और आर्थिक समृद्धि के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

*विरासत से विकास–थार सांस्कृतिक सर्किट*

श्री पटेल ने कहा यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राजस्थान को 2047 तक विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी बनाने का रोडमैप है। उन्होंने कहा विरासत से विकास के विजन के अनुरूप  जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालोर को शामिल करते हुए 'थार सांस्कृतिक सर्किट' बनाया जाएगा।

*न्यायिक और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण-*

विधि मंत्री ने कहा न्याय प्रणाली अधिक सुगम और सर्व सुलभ बनाने के लिए 15 विभिन्न न्यायालयों की स्थापना की जाएगी और न्यायालयों में अवसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रूपये का व्यय किया जाएगा। उन्होंने कहा नवगठित आठ जिलों में मिनी सचिवालय तथा 94 नवीन पंचायत समितियों तथा 3 हजार 467 ग्राम पंचायतों के भवन निर्माण में आधारभूत संरचना  विकास के लिए 3 हजार करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है।

*एनटीए की तर्ज पर बनेगी राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी*

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक हजार करोड़ रूपये का व्यय कर 30 हजार युवाओं को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा भर्ती परीक्षाओं के पारदर्शी आयोजन के लिए एनटीए की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा जोधपुर में मेजर शैतान सिंह कौशल केंद्र की स्थापना से हमारे युवाओं और पूर्व सैनिकों के परिवारों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।

*पेरी अर्बन एरिया में जलापूर्ति के लिए 5 हजार करोड़*

श्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के समस्त शहरों के पेरी अर्बन एरिया के 6 हजार 245 गाँवों 5 हजार करोड़ रुपये का व्यय कर चरणबद्ध रूप से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा प्रदेश में विद्युत तंत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 220 केवी के छह, 132 केवी के 13 तथा 33 केवी के 110  जीएसएस का निर्माण करवाया जाएगा।

*लूणी को मिली प्रमुख सौगातें*

- एलसी-237 (लूणी-समदड़ी खण्ड में 680/6-7 किमी) राशि 46.40 करोड़

- तख्त सागर से कुड़ी होद (लूणी) की पाइपलाइन को बदलने एवं अन्य सृदृढीकरण के कार्य (राशि 65 करोड़ रूपये)

-  लूणी पंचायत समिति से राजाराम शिक्षण संस्थान तक फूट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य (राशि 5 करोड़ रुपये)

- जोजरी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए एसटीपी / सीईटीपी के ट्रीटेड जल से सिंचाई एवं जोधपुर जिले की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्ध कराने संबंधी प्रथम चरण के कार्य (राशि 50 करोड़ रूपये)

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