राज्यपाल ने धानक्या स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक पर पहुंचकर उन्हें अर्पित की श्रद्धांजलि प्रार्थना सभा में साझा किए उनके संस्मरण

 


जयपुर, 11 फरवरी। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े ने बुधवार को धानक्या स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्मारक पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्यपाल ने स्मारक में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रार्थना सभा में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि ‘एकात्म मानववाद’ के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था थे। उनकी दृष्टि निर्धनता और अशिक्षा को दूर कर समाज में सभी स्तरों पर समानता स्थापित करने की रही है।



राज्यपाल ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि पंडित जी अपने सारे कार्य स्वयं करते थे, अत्यंत सहज और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि पंडित जी के एकात्म मानववाद में भारतीय ज्ञान परंपरा के बीज निहित हैं और भारतीय संस्कृति में निष्ठा तभी रहेगी, जब भारत एकात्म रहेगा।

श्री बागड़े ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए हमें एकात्म मानववाद की मौलिक दृष्टि दी। उनके अंत्योदय के विचारों और शिक्षाओं को आत्मसात कर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इसके पूर्व उन्होंने राष्ट्रीय स्मारक में पंडित जी के जीवन आलोक से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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