राजस्थान सरकार का जट 2026-27: विकसित राजस्थान @2047 की दिशा में व्यापक और सर्वस्पर्शी विकास योजना

 



जयपुर, 11 फरवरी। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिव्या कुमारी ने चालू बजट सत्र के सातवें सत्र में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित राजस्थान @2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं और परियोजनाओं को शामिल करता है।

बजट का मुख्य उद्देश्य केवल वित्तीय प्रबंधन नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, किसान कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और आधारभूत संरचना जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।

युवा सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाएँ

उपमुख्यमंत्री दिव्या कुमारी ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण, सब्सिडी सहित प्रदान किए जाएंगे। इससे लगभग 30,000 युवाओं को लाभ मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नए उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।



इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान परीक्षा एजेंसी की स्थापना की घोषणा की। इस एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षाओं सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।

कॉलेज छात्रों के लिए विशेष 'ड्रीम प्रोग्राम' भी शुरू किया जाएगा, जिसमें अगले वर्ष 50,000 छात्रों को नामांकन का लाभ मिलेगा। इसके तहत छात्रों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

भाषा और तकनीकी प्रशिक्षण में निवेश

बजट में युवाओं की बहुभाषी और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। घोषणा के अनुसार, 1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियाई भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उद्योग भागीदारों के सहयोग से प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

30 करोड़ रुपये की लागत से नए टेक्नो हब विकसित किए जाएंगे, जो युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार सृजन में सहायता प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त, कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए ई-वाउचर के माध्यम से 20,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

आधारभूत संरचना और सड़क विकास

बजट में राज्य की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख है।

42,000 किलोमीटर सड़कों का विकास,

500 करोड़ रुपये की लागत से 250 अटल प्रगति पथों का निर्माण,

पेयजल परियोजनाओं के लिए 24,000 करोड़ रुपये के कार्य आदेश जारी,

एक वर्ष के भीतर 3 लाख नए नल कनेक्शन,

'हर घर नल' योजना के तहत 6,500 गांवों को पेयजल से जोड़ना।

इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को सुधारना, जल संकट को कम करना और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास

उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

350 करोड़ रुपये की लागत से नए औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे,

जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में 3,600 हेक्टेयर भूमि का विकास,

अगले दो वर्षों में 600 करोड़ रुपये का निवेश,

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो का निर्माण लॉजिस्टिक सुविधा के लिए।

राजस्थान फाउंडेशन द्वारा दक्षिण अफ्रीका और कनाडा सहित 14 नई शाखाएं खोली जाएंगी, जिससे वैश्विक स्तर पर राजस्थान की सांस्कृतिक, औद्योगिक और शैक्षिक भागीदारी बढ़ेगी। इसके अलावा, मिट्टी के कारीगरों के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण कारीगरों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होगी।

शिक्षा और कौशल विकास

बजट ने शिक्षा क्षेत्र में विशेष रूप से तकनीकी और कौशल विकास पर जोर दिया है।

ड्रीम प्रोग्राम के माध्यम से 50,000 छात्रों को नामांकन का लाभ,

भाषा प्रशिक्षण के तहत 1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियाई भाषाओं का प्रशिक्षण,

प्रत्येक जिले में उद्योग सहयोग केंद्र खोलकर युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण का अवसर।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाना और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि बजट स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

मुख्य घोषणाएं:

पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर, जिससे वंचित परिवार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का लाभ ले सकेंगे।

जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 500 बेड क्षमता वाला अत्याधुनिक आईपीडी टावर,

प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों में 500 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह निर्माण,

500 अतिरिक्त ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर,

राज सुरक्षा योजना के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को प्रभावी बनाना,

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए राज ममता योजना और प्रत्येक जिला मुख्यालय पर मानसिक स्वास्थ्य केयर सेल।

इसके अलावा, अटल आरोग्य फूड कोर्ट के लिए 100 करोड़ रुपये, और मोक्ष वाहिनी योजना जैसे संवेदनशील कदम बजट में शामिल किए गए हैं।

कृषि और सहकारिता क्षेत्र में विकास

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि बजट से सहकारी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त फसली ऋण,

दीर्घकालीन सहकारी कृषि और अकृषि क्षेत्रों के लिए 590 करोड़ रुपये के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान,

सहकारी समितियों में नवीन गोदामों का निर्माण और जीर्ण-शीर्ण गोदामों का पुनर्निर्माण,

उपहार विक्रय केंद्र और जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार स्थापित कर किसानों और आम जनता को गुणवत्ता व सस्ते उत्पाद।

इससे राज्य में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और सहकारी तंत्र सशक्त होगा।

जलदाय विभाग और पेयजल परियोजनाएं

जलदाय इंटक के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंह शेखावत ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जलदाय विभाग के कर्मचारियों की उम्मीदों पर बजट ने पानी फेर दिया।

33 वर्षों से नई भर्ती की आस पर पानी फिरा,

बढ़ती आबादी, पेयजल संकट और तकनीकी आवश्यकताओं के बीच विभाग की अनदेखी,

सरकार से शीघ्र नई भर्ती की घोषणा करने की मांग।

इसके साथ ही, बजट में हर घर नल योजना और 3 लाख नए नल कनेक्शन जैसे महत्वाकांक्षी प्रावधान शामिल हैं, जो राज्य के पेयजल संकट को कम करने की दिशा में ठोस कदम हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का विकास

उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिव्या कुमारी ने पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के विकास पर विशेष जोर दिया।

वैश्विक और ग्रामीण पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए रणनीति तैयार,

तनोट-जैसलमेर क्षेत्र का कॉम्प्रिहेन्सिव प्लान, यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा पर ध्यान,

पुष्कर, खाटूश्यामजी, नाथद्वारा आदि स्थलों में हेरिटेज वॉक-वे और मॉडल रोड विकास,

आमेर किला में 50 करोड़ रुपये से विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं, डिजिटल म्यूजियम, आधुनिक साइनज, आकर्षक लाइटिंग।

भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों के जीर्णोद्धार और थार सांस्कृतिक सर्किट के निर्माण की घोषणाएं भी बजट में शामिल हैं।

सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और युवा कल्याण

बजट में महिला, युवा, गरीब और आदिवासी वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाओं का समावेश किया गया।

महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान,

युवाओं के लिए स्वरोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण और ड्रीम प्रोग्राम,

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार,

डिजिटल और तकनीकी शिक्षा के लिए निवेश।

समापन: विकसित राजस्थान @2047 का दृष्टिकोण

बजट 2026-27 केवल वित्तीय आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि यह विकसित राजस्थान @2047 की दिशा में ठोस और सर्वस्पर्शी रोडमैप प्रस्तुत करता है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, सहकारिता, आधारभूत संरचना और युवा सशक्तिकरण जैसी सभी प्रमुख पहलुओं को संतुलित रूप से शामिल किया गया है।

उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिव्या कुमारी ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त राजस्थान के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

राजस्थान के नागरिकों, युवाओं और किसानों को इस बजट से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य का हर क्षेत्र विकसित और सशक्त बनेगा।


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