जोधपुर
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय का 22वां दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए चरण की शुरुआत है। ज्ञान को कर्म में बदलना ही इसका सच्चा संदेश है।”
राज्यपाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा, बेटियों की उपलब्धियों और एआई युग में विवेकपूर्ण शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिस समाज में बेटियां आगे बढ़ती हैं, वही समाज तेजी से विकास करता है। इस अवसर पर स्वर्ण पदकों में बड़ी संख्या में बेटियों के अग्रणी रहने पर उन्होंने गर्व व्यक्त किया।
समारोह में कुल 52,682 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 59 स्वर्ण पदक वितरित किए गए।



