जयपुर।
रेल बजट 2026–27 में राजस्थान को रेलवे विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा 10,228 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि वर्ष 2009–14 की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष बल दिया गया है।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026–27 में भारतीय रेलवे के लिए 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट तथा इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को गति देने के लिए 2.93 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में रेलवे विकास के अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 85 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 8 स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा देशनोक से किया जा चुका है। राजस्थान में वर्तमान में 56 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रेल कार्य प्रगति पर हैं और राज्य में लगभग 99 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।
रेल मंत्री के अनुसार वर्ष 2014 के बाद से राजस्थान में 1,514 फ्लाईओवर व अंडरपास तथा करीब 3,900 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश में 6 जोड़ी वंदे भारत और 1 जोड़ी अमृत भारत ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने बताया कि वर्ष 2026–27 में राज्य में 300 किलोमीटर से अधिक नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही रेल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कवच प्रणाली के तहत 250 किलोमीटर रेलमार्ग पर कार्य किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं पत्र सूचना कार्यालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

