जयपुर आर्ट वीक – दिन 6: विरासत, स्वाद और कला अभ्यासों से जुड़ा शहर

 

जयपुर, 1 फरवरी।

जयपुर आर्ट वीक के छठे दिन शहर की जीवंत विरासत, रचनात्मक प्रक्रियाओं और इंद्रिय अनुभवों को केंद्र में रखते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। विरासत भ्रमण, फूड वॉक्स, सहभागितात्मक कार्यशालाएं, सार्वजनिक कला प्रस्तुतियां और एक विशेष पाक-सांस्कृतिक उपग्रह कार्यक्रम के माध्यम से दर्शकों को कला और शहर से जुड़ने का अवसर मिला।


दिन की शुरुआत जयपुर विरासत फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘ट्रेसिंग लेयर्स ऑफ द ओल्ड सिटी: ए हेरिटेज वॉक’ से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने परकोटा क्षेत्र की गलियों और आंतरिक मार्गों से होते हुए वास्तुकला, स्मृति और सामुदायिक जीवन के संबंधों को समझा।

खानपान की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करते हुए आयोजित फूड वॉक्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जयपुर वेजिटेरियन स्ट्रीट फूड एंड हेरिटेज वॉक में हवा महल क्षेत्र की शाकाहारी और वीगन खाद्य परंपराओं से परिचय कराया गया, वहीं शाम को आयोजित ‘जयपुर नॉन-वेज फूड टूर: फ्लेवर्स ऑफ रामगंज’ ने शहर की मांसाहारी पाक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की।

कला अभ्यासों के अंतर्गत अर्बन स्केचर्स द्वारा स्केचिंग वर्कशॉप, आरआईसी में ‘बोल री माटी’ ड्रॉप-इन गतिविधि, 28 कोठी में ‘ड्रॉइंग ऐज़ मेडिटेशन’ सत्र तथा जेकेके स्थित अलंकार गैलरी में समकालीन एप्लीके आर्ट वर्कशॉप आयोजित की गईं। सेंट्रल पार्क में पाटी टीम द्वारा क्यूरेटर-लेड वॉकथ्रू के माध्यम से सार्वजनिक कला और शहरी स्थानों के संबंधों को रेखांकित किया गया।

दिन का समापन सम, जयपुर में आयोजित उपग्रह कार्यक्रम ‘दावतें’ के साथ हुआ, जिसमें भोजन, स्मृति और कहानी कहने की परंपरा को एक साझा सांस्कृतिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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