जयपुर, 13 फरवरी।
राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार के सहयोग से झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित अकादमी संकुल में शुक्रवार को 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग श्री प्रवीण गुप्ता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी की प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम ने की।
युवा कलाकारों को बेहतर अवसर देने की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में श्री प्रवीण गुप्ता ने कहा कि विभाग युवा कलाकारों को बेहतर मंच और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले नौ कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि “कोई भी अवॉर्ड अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।” नियमित साधना और निरंतर अभ्यास से ही कलाकार को सफलता मिलती है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की कला और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है और राज्य सरकार के साथ-साथ भारत सरकार भी इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। ललित कला का इसमें विशेष महत्व है।
एआई युग में कला का डिजिटाइजेशन आवश्यक
प्रवीण गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का है। ऐसे में राजस्थान की कला और सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल माध्यमों पर प्रदर्शित करना समय की आवश्यकता है। विभाग द्वारा कला एवं संस्कृति से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मेरा गांव मेरी धरोहर पोर्टल प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अपने क्षेत्र की कला और सांस्कृतिक धरोहर को अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया राजस्थान की कला, संस्कृति और पर्यटन का अनुभव करना चाहती है, इसलिए कलाकारों के लिए वर्तमान समय में अपार संभावनाएं हैं।
युवाओं को कला से जोड़ना जरूरी
अध्यक्षीय संबोधन में श्रीमती पूनम ने कहा कि युवाओं को कला से जोड़कर ही देश का भविष्य सशक्त बनाया जा सकता है। वैश्विक परिदृश्य में रचनाधर्मिता की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कलाकारों से आह्वान किया कि इस प्रकार की प्रदर्शनियों में अधिकाधिक सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में राजस्थान की विशिष्ट पहचान है।
पुरस्कार वितरण
उद्घाटन के पश्चात आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में निम्न कलाकारों को 25-25 हजार रुपये नकद, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया—
रमेश कुमार सैनी, जयपुर (जयपुर की गलियां 1-2-3)
विकास कुमार मिरोठा, बूंदी (समूह-2)
जयन्त शर्मा, जयपुर (City of Dunes)
श्वेता नैना, जयपुर (तारा-3)
मोहनलाल चौधरी, बीकानेर (मत बाचो गठरिया)
उर्मिला शर्मा, जयपुर (मनुकल्प-1)
धीरज बलिहारा, हनुमानगढ़ (Weaving Tradition)
करूणा, वनस्थली (Childhood-3)
शिवपाल कुमावत, सीकर (Delusional-II)
उल्लेखनीय है कि 66वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी के लिए कृतियों के चयन एवं पुरस्कार निर्धारण हेतु निर्णायक मंडल की बैठक 17 नवम्बर 2025 को आयोजित की गई थी। निर्णायक मंडल ने 190 कलाकारों की 562 कलाकृतियों का अवलोकन करने के पश्चात 64 कलाकारों की 113 कलाकृतियों का प्रदर्शनी हेतु चयन किया तथा 10 कृतियों को पुरस्कार योग्य माना।
अन्य गणमान्य उपस्थित
इस अवसर पर श्री विद्यासागर उपाध्याय, श्री नाथूलाल वर्मा, श्री महावीर भारती सहित कला जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन गौरव शर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सेवानिवृत्त प्रदर्शनी अधिकारी श्री विनय शर्मा ने प्रस्तुत किया।
अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि यह कला प्रदर्शनी 13 फरवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक आमजन के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।



