महारास और रुक्मणि मंगल प्रसंग से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु “धनवान खुश हो यह जरूरी नहीं, लेकिन जो खुश है वही सच्चा धनवान है” – श्रीजी महाराज

 


जयपुर के सांगानेर स्थित जगन्नाथपुरा में 8 फरवरी से चल रहे भागवत रस वर्षण महोत्सव के छठे दिन श्रद्धालु महारास और रुक्मणि मंगल प्रसंग में सराबोर हो उठे। अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्याम शरण देवाचार्य श्रीजी महाराज ने रुक्मणि मंगल की दिव्य कथा का रसपान कराया।

श्रीजी महाराज ने कहा कि रुक्मणि मंगल की कथा श्रवण करने से जिन युवाओं के विवाह में विलंब हो रहा है, उनकी बाधाएं दूर होती हैं। उन्होंने महारास प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब गोपियां लोक-लाज और मर्यादा त्यागकर श्रीकृष्ण के प्रेम में समर्पित होकर आईं और गाया — “लोक लाज मर्यादा को तजकर आई है, अब तो सुना दो तान…” — तब भगवान श्रीकृष्ण ने महारास की दिव्य लीला रचाई। गोपियां आनंद में झूम उठीं। यह दृश्य देखकर देवी-देवता भी गोपी रूप धारण कर महारास में सम्मिलित हुए और प्रभु प्रेम में रंग गए।

कथा के दौरान श्रीजी महाराज ने कहा, “धनवान खुश हो यह आवश्यक नहीं, लेकिन जो व्यक्ति जीवन में प्रसन्न है, वही वास्तविक अर्थों में धनवान है।” उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि जीवन में सच्चा आनंद प्राप्त करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम संबंध स्थापित करें—चाहे वह मित्र, भाई, पिता या पुत्र के रूप में हो। जब व्यक्ति कृष्ण की लीला में लीन हो जाता है, तो उसके जीवन में आनंद की वर्षा होने लगती है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘आनंद’ शब्द का कोई विलोम नहीं है, क्योंकि जहां प्रभु का प्रेम है, वहां केवल आनंद ही आनंद है।



इस अवसर पर निम्बार्क परिकर सर्वेश्वर शर्मा ने कहा कि जिसके जीवन में रास है, उसी के जीवन में रस है और ईश्वर अपने भक्त के प्रेम के आगे स्वयं को भी अर्पित कर देते हैं।

श्रीजी महाराज के निजी परिकर ओम प्रकाश शर्मा ने कथा में पधारे विशिष्ट अतिथि आध्यात्मिक चिकित्सक आचार्य तरुण, समाजसेवी प्रवीण शर्मा तथा साधु-संतों का भव्य स्वागत किया और गुरुदेव से सभी को आशीर्वाद दिलवाया। इसके पश्चात दिव्य आरती और भोग का आयोजन हुआ। आयोजन से जुड़े नाथू लाल शर्मा ने अपनी टीम के साथ सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की।

आयोजक हनुमान कंडीरा ने सपरिवार आरती में भाग लिया।

कार्यक्रम के समापन पर घोषणा की गई कि शनिवार को सुदामा-कृष्ण मिलन का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया जाएगा।

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