जयपुर, 20 जनवरी 2026।
Jaipur Craft Festival के तत्वावधान में Indian Institute of Crafts & Design परिसर में “डिज़ाइन एवं क्राफ्ट ब्रांड्स – भविष्य की संभावनाएँ और विस्तार” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, उद्यमियों, डिजाइन पेशेवरों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने हस्तशिल्प और डिजाइन आधारित उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि पारंपरिक शिल्प को आधुनिक ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सस्टेनेबल उत्पादन मॉडल से जोड़ना समय की मांग है।
टिकाऊ फैशन और ब्रांडिंग पर जोर
प्राची सेक्सारिया ने कहा कि स्लो फैशन केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि आने वाले समय की अनिवार्यता है। उन्होंने टिकाऊ उत्पादन और जिम्मेदार उपभोग की आवश्यकता पर बल दिया।
रौनक सिंह मोहनोत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी डिजाइन-आधारित ब्रांड की सफलता के लिए बाजार की गहन समझ और उपभोक्ता व्यवहार का अध्ययन आवश्यक है।
इन्क्यूबेशन और नीति समर्थन की भूमिका
धर्मेन्द्र ने शोध-आधारित डिजाइन शिक्षा और इन्क्यूबेशन की महत्ता बताते हुए कहा कि युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन और संरचित समर्थन मिलना चाहिए।
धवल सिंघल ने राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम में नीति समर्थन, निवेशक नेटवर्क और साझेदारी मॉडल की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की संचालक पिंकी जैन ने महिला आर्थिक स्वावलंबन को सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण महिलाओं के साथ अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह आयोजन पारंपरिक विरासत, आधुनिक डिजाइन और उद्यमिता को एक मंच पर लाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।



