जयपुर, 1 फरवरी।
जयपुर में रविवार को पहली बार तीन दिगम्बर जैन आचार्य संघों के सानिध्य में भव्य विवाह अणुव्रत संस्कार महोत्सव का आयोजन किया गया। मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, शिप्रा पथ पर आयोजित इस महोत्सव में आचार्य सुन्दर सागर महाराज, आचार्य प्रसन्न सागर महाराज एवं आचार्य शशांक सागर महाराज ससंघ का सानिध्य प्राप्त हुआ।
महोत्सव में 25 वर्ष तक का वैवाहिक जीवन पूर्ण कर चुके 600 से अधिक दम्पतियों को मंत्रोच्चार के साथ आदर्शमयी वैवाहिक संस्कार कराए गए। इस अवसर पर साधना महोदधि अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि “दाम्पत्य जीवन में जब तक समर्पण और विश्वास बना रहता है, तब तक जीवन आनंद और प्रेम से भरपूर रहता है। अहंकार रिश्तों को कमजोर करता है, जबकि त्याग और समझदारी से संबंध मजबूत होते हैं।”
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने युवाओं से भगवान महावीर के उपदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया, वहीं आचार्य शशांक सागर महाराज ने सभी दम्पतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं दीर्घायु वैवाहिक जीवन की कामना की।
महोत्सव से पूर्व तीनों आचार्य ससंघ के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। दोपहर में हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड से मीरामार्ग स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर तक श्रीजी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में 12 तीर्थंकरों की प्रतिमाएं, हाथी-घोड़े, बैंड-बाजे, महिला मंडल एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
रथयात्रा के समापन के बाद प्रतिमाओं को मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में विराजमान किया गया। इसके पश्चात आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आचार्य शशांक सागर मुनिराज ससंघ का डीसीएम कॉलोनी, महात्मा गांधी नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार हुआ।
सायंकाल गुरु पूजा, प्रतिक्रमण, गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 108 दीपकों से भव्य आरती की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद जैन एवं महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने सभी संतों, श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।